अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। बलरामपुर राज परिवार के महाराज धर्मेंद्र प्रसाद सिंह आज पंचतत्व में विलीन हो गए । राप्ती नदी के राजघाट पर उनके पुत्र जयेंद्र प्रताप सिंह राजा बाबा ने उन्हे मुखाग्नि दी । उनके अंतिम शव यात्रा में हजारों की संख्या में लोग सम्मिलित हुए । प्रदेश सरकार की ओर से आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह, सांसद श्रावस्ती दद्दन मिश्रा, विधायक सदर पलटू राम, विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ला, विधायक शैलेंद्र सिंह शैलू , पूर्व मंत्री डॉक्टर शिव प्रताप यादव, भाजपा महामंत्री अजय सिंह पिंकू, प्राचार्य एम एल के कॉलेज डॉ राम बकस श्रीवास्तव सहित तमाम गणमान्य नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने महाराज धर्मेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी ।
जानकारी के अनुसार 29 जुलाई की शाम महाराज धर्मेंद्र प्रसाद सिंह का आकस्मिक निधन लखनऊ में हो गया था । उनका पार्थिव शरीर 30 जुलाई की शाम बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित उनके पैतृक निवास नील बाग पैलेस लाया गया । नील बाग पैलेस मे अंतिम दर्शन के लिए रखा गया । भारी बरसात के बावजूद लोग देर रात तक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे और सुबह से लोगों के पहुंचने का काम शुरू हुआ जो पंचतत्व में विलीन होने तक जारी रहा ।
धर्मेंद्र प्रसाद सिंह के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा प्रातः लगभग 10:30 बजे नील बाग पैलेस से निकाली गयी जो संतोषी माता मंदिर से होता हुआ वीर विनय चौराहा, पुराना चौक, बड़ा पुल चौराहा, सिटी पैलेस होता हुआ एमएलके कॉलेज के मध्य स्थित महाराजा भगवती प्रसाद सिंह के स्टेचू के समक्ष थोड़ी देर के लिए रोका गया जहां पर कॉलेज प्रशासन से जुड़े तमाम लोग तथा स्थानीय नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित की । यहीं पर पूर्व मंत्री डॉक्टर एस पी यादव तथा विधायक शैलेंद्र सिंह शैलू प्राचार्य एमएलके कॉलेज डॉ राम बकस श्रीवास्तव ने पुष्पांजलि दी ।
शव यात्रा आगे बढ़ा और बौद्ध परिपथ से होता हुआ राप्ती नदी के राजघाट पर ले जाया गया जहां पर हजारों लोगों की मौजूदगी में राजकुमार जयेंद्र सिंह अपने पिता को मुखाग्नि दी । पूरी शव यात्रा के दौरान सड़क के दोनों तरफ लोगों का हुजूम उमड़ता दिखाई दिया । लोग अपने महाराज के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करने के लिए आतुर दिखाई दे रहे थे । पूरा राज परिवार तथा बलरामपुर नगर वासी अपने महाराजा की याद मे शोकाकुल हैं । शव यात्रा के दौरान नगर के सभी दुकानों को लोग बंद कर दिए थे इस दौरान सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी । अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, अपर जिला अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल, पुलिस क्षेत्राधिकारी ओमप्रकाश सिंह, नगर कोतवाल डॉ एस के राय बड़ी सुरक्षा फोर्स के साथ मौजूद रहे ।
राजपरिवार के सुरक्षाकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था में बराबर भागीदारी निभाते रहे । महाराजा धर्मेंद्र प्रसाद सिंह का जन्म 1958 में हुआ था और 29 जुलाई 2018 को उन्होंने अंतिम सांस ली । बलरामपुर वासियों को अपने महाराज को 60 साल की उम्र में ही अन्तिम विदाई देनी पड़ी । शायद लोगों ने सपने में कभी ऐसी कल्पना भी नहीं की होगी ।
आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि महाराज धर्मेंद्र प्रसाद सिंह काफी नेट दिलवा सरल स्वभाव के व्यक्ति थे उन्हें देखने से नहीं लगता था कि वह किसी राजा यार आज परिवार के हैं उन्होंने यह भी कहा की बासी तथा बलरामपुर का काफी पुराना नाता भी है जिसके कारण व्यक्तिगत रूप से उनसे संबंध रहा है वही सांसद श्रावस्ती दद्दन मिश्रा ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय महाराज धर्मेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने पूर्वजों की परंपरा को बखूबी आगे बढ़ाया है ।
बलरामपुर राज परिवार ने उस समय जनपद वासियों की शिक्षा के लिए बहुत कुछ किया था जब गिने-चुने विद्यालय हुआ करते थे । सैकड़ों सैकड़ो वर्ष पूर्व जब लड़कियों की शिक्षा बहुत ही कम थी उस समय बालिका इंटर कॉलेज राजपरिवार द्वारा खोला गया था । दर्जनो स्कूल, अस्पताल, धर्मशाला, अनाथालय, मंदिर तथा जलाशयों का निर्माण कराकर उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक तथा धार्मिक रूप से अपनी भूमिका निभाई है और इस परंपरा को महाराज धर्मेंद्र प्रसाद ने बखूबी आगे भी बढ़ाया उनके स्वर्गवास से बलरामपुर वासियों के लिए यह अपूरणीय क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता है ।



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