शिवेश शुक्ल
प्रतापगढ । नगर के किशोरी सदन में सोमवार को नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी की दिवंगत पत्नी के तेरहवीं भोज के आयोजन के मौके पर दिब्य ब्यवस्था की गई थी। शहर के सभी सम्मानित अतिथि और सगे सम्बन्धी ने कार्यक्रम में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण कर श्रृद्बा सुमन अर्पित की ।
हिन्दू धर्म के अनुसार वो पत्नी बहुत भाग्यवान मानी जाती है,जिसका प्राणान्त उसके पति के जीवन काल में हो। वैसे भी श्रीमती स्नेहलता खंडेलवाल गृहलक्ष्मी के साथ-साथ भाग्यलक्ष्मी रही। विवाहोपरांत पूरे परिवार का कायाकल्प हो गया। श्रीमती स्नेहलता खंडेलवाल अपने पीछे एक पुत्र श्री विष्णु खंडेलवाल और तीन पुत्रियां छोड़ गई। बड़ी पुत्री श्रीमती मीना खंडेलवाल दो वर्ष पूर्व दिवंगत हो गई थी। अपनी संतान अपने जीवनकाल में दिवंगत हो जाए,ये सदमा माँ-बाप को बर्दाश्त नहीं होता बल्कि बुरी तरह हिला कर रख देता है। वही सदमा श्रीमती स्नेहलता खंडेलवाल को भी हुआ।महज 72 वर्ष की आयु में उनका प्राणान्त हो गया। एक माँ और पत्नी के रूप में श्रीमती स्नेहलता खंडेलवाल सफल जीवन जिया। उनके ईलाज से लेकर उनके सभी कर्मकांड उनके पति श्री श्याम बाबू खंडेलवाल,पुत्र के रूप में श्री विष्णु खंडेलवाल व पुत्रवधू श्रीमती सुनीता खंडेलवाल और पौत्र श्री राघव खंडेलवाल एवं पौत्रियां सुश्री राधिका खंडेलवाल व सुश्री गौरी खंडेलवाल ने श्रीमती स्नेहलता खंडेलवाल की सेवा करने में पीछे नहीं रही। बहुत ही पुण्यात्मा एवं धर्मात्मा रही,श्रीमती स्नेहलता खंडेलवाल.

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