अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।जनपद बलरामपुर की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है । यह बात नीति आयोग के रिपोर्ट में भी सिद्ध हो चुकी है । नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार बलरामपुर देश के उन 115 सबसे पिछड़े जनपदों में से एक है जहां की शिक्षा व्यवस्था सबसे निचले पायदान पर है । बड़ी संख्या मे स्कूल भवन जर्जर हैं । अध्यापकों की कमी तथा विभागीय शिथिलता के चलते फिलहाल अभी सुधार नजर नहीं आ रहा है । प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती अनुपमा जायसवाल ने शिक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने का दावा किया है । उनका कहना है कि हमें बेसिक शिक्षा को कान्वेंट स्कूलों के बराबर में खड़ा करना है और इसके लिए उनका विभाग कार्य भी कर रहा है ।
बलरामपुर के दौरे पर पहुंची बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राजस्व एवं वित्त राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती अनुपमा जयसवाल ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि जनपद बलरामपुर की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए जो भी आवश्यक होगा वह प्रयास किए जाएंगे । इस जिले में अध्यापकों की कमी को शीघ्र पूरा किया जाएगा, विद्यालयों में पठन पाठन नियमित सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है । इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही करने वाले के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी । बच्चों को किताबें जुलाई माह के अंत तक हर हाल में उपलब्ध करा दी जाएंगी, साथ ही यूनिफॉर्म मोजा जूता तथा बैग सभी विद्यालयों में उपलब्ध करा दिया जाएगा । बच्चों को दी जाने वाली किसी भी सामग्री में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा । गुणवत्ता विहीन सप्लाई की शिकायत मिली तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई भी की जाएगी । श्रीमती जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए । राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उनके विभाग से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी । बैठक के दौरान सांसद श्रावस्ती दद्दन मिश्रा मीडिया प्रभारी डीपी सिंह महिला प्रकोष्ठ की श्रीमती मंजू तिवारी एसडीएम सदर अरुण कुमार गौड़, बीएसए हरिहर प्रसाद सहित सम्बन्धित विभागों के तमाम अधिकारी मौजूद थे ।

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