सुनील उपाध्याय
बस्ती यूपी। प्रगतिशील लेखक संघ बस्ती इकाई द्वारा आज प्रेस क्लब सभागार में डा. रामदल पाण्डेय की लिखी पुस्तक ‘राम की शक्ति पूजा‘ पर आधारित चर्चा और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य डा. राघवेन्द्र शरण त्रिपाठी ने कहा कि साहित्य समाज को अपनी दृष्टि से देखता है।
प्रख्यात रचनाकर अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि अच्छा साहित्य वो है जो समय समय पर पुनः मूल्यांकन की मांग करता है। निराला का साहित्य इसका जीता जागता प्रमाण है। प्रख्यात समालोचक डा. रघुवंशमणि त्रिपाठी ने कहा कि निराला का साहित्य अश्वमेघ का वह घोड़ा है जिसे आज तक कोई पकड़ नहीं सका। डा. रामदल पाण्डेय ने कहा कि निराला ने अपनी कविता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आवाह्न किया।
निराला से समाकलीन कविता का आरम्भ हुआ। काव्य गोष्ठी में ताज़ीर बस्तवी, विनोद उपाध्याय, राममूर्ति चौधरी, सुमेश्वर यादव, अमानुल्लाह राशदा, सागर गोरखपुरी, अजीत श्रीवास्तव, श्यामप्रकाश शर्मा, सत्येन्द्रनाथ मतवाला, जगदम्बा प्रसाद भावुक,कलीम बस्तवी, राजेश पाल, विनय श्रीवास्तव, भद्रसेन बन्धु, रहमान अली रहमान आदि ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम का सफल संचाल प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव हरीश दरवेश ने किया।


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