गले नहीं उतर रही पुलिसिया कहानी
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। करीब डेढ़ माह पूर्व मोतीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में खेत की रखवाली कर रहे बुजुर्ग की धारदार हथियार से मारकर की गई हत्या का छपिया थाने की पुलिस ने आज खुलासा करने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस द्वारा किए गए खुलासे की कहानी गले नहीं उतर रही है।
गोण्डा जिले के थाना छपिया पुलिस ने मनीष पुत्र मुन्नालाल निवासी कड़वलिया थाना कोतवाली नगर को हत्या के आरोप में वृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, थाना मोतीगंज पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 115/18 धारा 302 आईपीसी के तहत मनीष को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि 22 जून 2018 को श्रीमती सुन्दरपता पत्नी स्वर्गीय मुन्नालाल निवासी पासीपुरवा मौजा सीहागांव थाना मोतीगंज ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें कहा गया कि उसके पति की गन्ना के खेत की रखवाली करते समय किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सिर में चोट पहुंचाकर हत्या कर दी गयी। मोतीगंज पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान उसके हाथ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य लगे, लेकिन कुछ अड़चन के चलते मोतीगंज पुलिस खुलासा नहीं कर सकी।
पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह द्वारा उक्त घटना के जल्द से जल्द अनावरण हेतु 22 जुलाई घटना की विवेचना थाना छपिया को सौंप दी गयी थी, जिसमें छपिया पुलिस द्वारा उक्त घटना का खुलासा करते हुए मृतक की बड़ी बेटी के पुत्र मनीष को आज उसके गांव कड़वलिया थाना कोतवाली नगर से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना कर दिया गया।
छपिया पुलिस ने झूठी वाहवाही लूटने के चक्कर में हत्या का खुलासा तो कर दिया, लेकिन उसके द्वारा तैयार की गयी खुलासे की पटकथा किसी के गले नहीं उतर रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर मनीष अपने नाना की हत्या क्यों करेगा? बड़ा सवाल यह भी है कि क्या अकेले हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया जा सकता है? सूत्र बताते हैं कि इस जघन्य घटना के पीछे कई और लोग शामिल हैं। इसकी पुख्ता जानकारी और सबूत भी पुलिस के पास हैं, लेकिन रसूख के चलते उन पर हाथ डालने से कतरा रही है।


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