मोजीम खान
सिंहपुर,अमेठी. सरकार ने ज़िले में अमन चैन कायम करने के लिए नये कप्तान को कमान सौंपा, लेकिन खाकी है जो खुद अमन के रंग में भंग पैदा कर रही।
बीते पांच दिन पूर्व स्कूल से घर लौट रहे छात्र को अराजकतत्वों ने जान से मारने की कोशिश की थी। पुलिस ने उक्त मामले में अराजकतत्वों को शह देना और मुकदमे में सुलह का दबाव बनाना शुरू कर दिया। नतीजे में लोग सड़क पर उतर आए तो पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों पर मुकदमा थोप दिया।
बता दें कि पाँच दिनों पहलें सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र मो अरकम पुत्र मो असलम को दस- बारह गुंडों ने विद्यालय से छुट्टी के बाद जान से मारने की कोशिश की। छात्र किसी प्रकार अपनी जान बचा कर भागने सफ़ल रहा।
छात्र के परिजनों ने नामजद गुंडों के आतंक से परेशान होकर क्षेत्रीय जनता के साथ जाकर थाने में बड़ी मुश्किलों से एफआईआर दर्ज करवाई। उपरोक्त घटना के तीन दिनों बाद अपराध में शामिल एक अभियुक्त द्वारा अपनी बहन के साथ छेड़खानी की तहरीर थाने में देकर मामले में सुलह समझौता की बात कही परन्तु पीड़ित द्वारा बात न मानने पर गलत धाराओं में झूठे मुकदमे के जरिये जेल करवाने की धमकी दी। जबकि सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य द्वारा थाने में लिखित मो अरकम के अच्छे व्यवहार का चरित्र प्रमाण-पत्र दिया जा चुका है। पुलिस प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई न करने व अपराधियों को सहयोग कर क्रास केस बनाकर मामलें को समाप्त करने से नाराज छात्र और व्यापारियों व क्षेत्रीय जनता ने एकजुट होकर पूर्व विधायक रामलाल अकेला के पुत्र बछरावां ब्लाक प्रमुख विक्रांत अकेला और व्यापार मंडल अध्यक्ष रिन्कू जयसवाल के साथ बृहस्पतिवार को अपनी-अपनी दुकानों को बन्द कर शांतिपूर्वक ढंग से महराजगंज मेन चौराहे पर धरने पर बैठकर एसपी से न्याय की गुहार लगाई। जिससे नाराज एसओ ने धरने पर बैठे सभी को जेल भेजने व कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने की धमकी दी। बात न मानने पर एसओ द्वारा बल प्रयोग किया गया। इससे बात बनती न नजर आने पर उच्चाधिकारियों को सूचित किया। खबर मिलतें ही तहसीलदार, सीओ, एसडीएम व अंत में एडिशनल एसपी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल एसओ का स्थानांतरण कर अपराधियों को चार घंटों में गिरफ्तार करने व अपराधी की तरफ से दी गई छेड़छाड की झूठी तहरीर पर कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया।
अंत में पुलिस ने न्याय की गुहार लगा रहे लगभग 20 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ