वासुदेव यादव
अयाेध्या। फैज़ाबाद: श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण काे लेकर साेमवार से अपने आश्रम के सामने आमरण-अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी रामघाट महन्त परमहंस दास से दूसरे दिन मिलने भाजपा नेता पूर्व सांसद विनय कटियार पहुंचे। जिन्होंने महन्त के द्वारा उठाये गए कदम काे स्वागत याेग्य बताया।
इस अवसर पर श्री कटियार ने कहा कि अनशन के द्वारा महन्त परमहंस दास पूरी अयाेध्या व देश का जागरण कर रहे हैं। सबकाे बता रहे हैं राम मन्दिर की आवश्यकता है, मन्दिर बनना चाहिए। अब एक बात ताे सुप्रीम काेर्ट से साफ हाे गई है कि यहां मस्जिद नही बन सकती। यह टाइटिल सूट है। टाइटिल सूट का फिर अभी निर्णय हाेना है। 29 अक्टूबर काे उसकी सुनवाई शुरू हाेगी। हमें उम्मीद है इससे हल निकलेगा नही ताे संघर्ष हाेगा। संघर्ष बन्द नही है राम मन्दिर के लिए। तमाम संत इस प्रकार के हमारे हैं जाे आवहान पर आते हैं। लेकिन अभी बलिदान की जरूरत नही है। सबकाे संजाेकर रखने की आवश्यकता है।
पूर्व सांसद ने कहा कि मुझे लगता है अयोध्या के सभी लाेग आक्राेशित भी हैं और गुस्से में भी। लेकिन अदालत के निर्णय काे लेकर संताेष भी है। संताेष यही कि अब उस स्थान पर जाे मस्जिद-मस्जिद चिल्ला रहे थे। वाे मस्जिद अब नही बन सकती
। यह बात साफ हाे गयी। यानी बाबर का नाम साफ हाे गया। अब जाे बचेगा राम बचेगा, राम मन्दिर बचेगा। उन्हीं का हाेना है बाकी किसका हाेगा। एक सवाल के जवाब में कटियार ने कहा कि हम यहां परमहंसदास काे मनाने नही आएं हैं। बल्कि कहने आया हूं थाेड़ा दम लगाकर बैठे रहें। जब हाेगा ताे देखेंगे हम आयेंगे। हम अनशनकारी महन्त के साथ पूरी तरह से आ गए हैं। मेरा इनकाे पूरा सहयाेग है। अनशनरत महन्त परमहंस ने कहाकि मैं राम मन्दिर के लिए प्राण त्यागने को तैयार हूं। यदि मन्दिर निर्माण की घाेषणा नही हाेती है ताे मेरा मरना तय है। अगर हीराे बनना है ताे भाजपा सरकार राम मन्दिर बनवा दे। नही वह जीराे है जीराे ही रहेगी।
क्याेंकि जीराे के आगे कुछ नही हाेता। अनशनकारी महन्त से मिलने आए दशरथ महल के विन्दुगाद्याचार्य महन्त स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य ने कहा कि सभी चाहते हैं रामजन्मभूमि पर रामजी के भव्य मंदिर का निर्माण अतिशीघ्र हाे। सबकी लालसा है कि जल्दी से वह अपने रामलला का दर्शन भव्य मंदिर में करें। उसी उद्देश्य से महन्त परमहंस दास ने अपना अनशन शुरू किया और निश्चित ही वह अपने कार्य में सफल हाेंगे। उन्हाेंने कहा कि इनकी बात केन्द्र सरकार के साथ-साथ रामजी तक पहुंचेगी। अवश्य ही बीजेपी के नेताओं काे भगवान प्रेरित करेंगे। सन्ताें के आशीर्वाद की परम आवश्यकता है, ताे इसलिए लाेगाें काे यहां आना चाहिए तथा अनशनकारी महन्त के अनुरूप कार्य करें, जिससे भगवान राम के मन्दिर बनने का मार्ग प्रशस्त हो सके। शीघ्र मन्दिर बने।
इसी कड़ी में मंगलवार काे अनशनरत महन्त से मिलने वालाें में पूर्व सांसद रामविलास दास वेदान्ती, महन्त मैथिलीरमण शरण, रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येन्द्र दास, महापाैर ऋषिकेश उपाध्याय, माैनी मांझा के महन्त रामप्रिया, कृपालु रामभूषण, महन्त माेदनारायण दास, महन्त रामभजन दास, बाबा शिवशंकर दास, महन्त शशिकान्त दास, महन्त उत्तम दास माई बाड़ा रामघाट की महन्त कृषणा दासी व कुसुम दासी, नारायण मिश्रा, भाजपा नेता आदित्यनारायण मिश्रा व डॉ नीरज वर्मा आदि समेत सैंकड़ो लाेग रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ