सुनील उपाध्याय
बस्ती। सुनियोजित ढंग से समाज में फैलाई जा रही अश्लीलता एवं धारा 497 व 377 में मा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा किये गये बदलाव के विरोध में इण्डिया अगेन्स्ट रेप के वालेण्टियर सड़क पर उतरे। संयोजक अशोक श्रीवास्तव के आवाह्न पर लोहिया मार्केट स्थित कैत्प कार्यालय पर इकट्ठा हुई टीम अश्लीलता पर रोक लगाओ का नारा लगाते कलेक्ट्रेट पहुंची, यहां महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी कों सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय व्यवस्था पूरी तरह परिवार की परिकल्पना पर आधारित है। स्त्री पुरूष दोनो एक दूसरे की जरूरत हैं। स्त्रियां पुरूषों की तुलना में अधिक भावनात्मक होती हैं। यह भी सत्य है कि वैवाहिक जीवन में थोड़ी बहुत तकरार और असहमति सभी के जीवन में देखने को मिलती है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय स्त्रियां पति को परमेश्वर मानती हैं। मा. सुप्रीम कोर्ट के द्वारा धारा 497 को लेकर की गयी हालिया टिप्पणी या बदलाव भारतीय संस्कृति को विखंण्डित करने वाली है। विश्व की सिरमौर परिवारवादी संस्कृति और सामाजिक संरचना को इससे बहुत बड़ा आघात लगेगा जिसमें कहा गया है कि विवाहित महिला दूसरे पुरूष के साथ रह सकती है, इसे गैर कानूनी नही कहा जायेगा।
इसी प्रकार धारा 377 को लेकर ज्ञापन में सवाल खड़ा किया गया है। कहा गया कि जिसे भारतीय सभ्यता कभी अनुमति प्रदान नही कर सकती उसे सुप्रीम कोर्ट ने वैध ठहराकर हमारी संस्कृति को अमान्य कर दिया और हमें आन्दोलित। मसलन अप्राकृतिक सम्बन्ध जिसके आरोपी को हम देखना पसंद नही करेंगे उसे सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी जामा पहना दिया। संयोजक अशोक श्रीवास्तव ने कहा हम मानते हैं कि कानून का सम्मान होना चाहिये लेकिन जो कानून हमें इंसान से जानवर बनने को मजबूर करे उसे मानने को हम कत्तई बाध्य नही है। देशभर में बलात्कार और महिला उत्पीड़न के विरोध में चलाई जा रही मुहित इण्डिया अगेन्स्ट रेप की टीम मा. सुप्रीम कोर्ट के दोनो ही नजरिये की घोर भर्त्सना करती है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि फिल्मों, एलबम और टीवी सीरियलों को मान्यता देने वाले संस्थान अपनी जिम्मेदारी से विमुख होकर आंख मूदकर बैठकर गये हैं। इसका नतीजा ये है कि अश्लील गीतों, फिल्मों, सीरियलों, एलबम से बाजार पट गये हैं। महामहिम राष्ट्रपति से इस पर तत्काल रोक लगाने के लिये हस्तक्षेप करने की मांग की गयी हैं। कहा गया कि समाज में जो कुछ हम डालते हैं उसका कई गुना हमें वापस मिलता है, सुनियोजित तरीके से समाज में फैलाई जा रही अश्लीलता हम किसी कीमत पर बर्दाश्त नही करेंगे। मौके पर डा. सिम्मी भाटिया, आनंद राजपाल, अभयदेव शुक्ल, डीसी दुबे, चित्रांश क्लब के संस्थापक राजेश चित्रगुप्त, अजय कुमार श्रीवास्तव, अनिल पाण्डेय, लवकुश यादव, प्रीती श्रीवास्तव, संध्या दीक्षित, ज्योति पाण्डेय, डा. अजीत श्रीवास्तव, अमर सोनी, विष्णु कुमार पाल, दिनेश कुमार पाण्डेय, पूनम, राकेश तिवारी, अनिल कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।


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