अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जिला मुख्यालय स्थित तराई का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले महारानी लाल कुंवारी स्नाकोत्तर महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में विद्वत व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रमेश दीक्षित ने " प्रॉब्लम्स आफ इंडियन रिलेजंस एंड इंडियन नेशनलिज्म " विषय पर अपने विचार रखे।
प्रोफेसर दीक्षित ने व्याख्यान की शुरुआत 14वीं-15वीं सदी में यूरोप से प्रारंभ पुनर्जागरण काल से की और इस पुनर्जागरण के अच्छे व बुरे परिणामों पर भी चर्चा की । इसके पश्चात भारतीय पुनर्जागरण के पक्षों का विश्लेषण किया। साथ ही साथ भारतीय राष्ट्रवाद की अनेक धाराओं का मूल्यांकन किया । अंत में वर्तमान संदर्भ से भारतीय राष्ट्रवाद को जोड़ते हुए उन्होंने अपने व्याख्यान को समाप्त किया । इस दौरान छात्र-छात्राओं ने व्याख्यान को ध्यानपूर्वक सुना और व्याख्यान के अंत में प्रश्न भी पूछे । शिवम सिंह ने गांधी जी के धर्म और राजनीति के बारे में सवाल पूछा एवं अन्य छात्र छात्राओं ने भी विषय के विभिन्न पक्षों पर प्रश्न पूछे ।
शिक्षकों के द्वारा भी जिज्ञासा व्यक्त की गई। इन प्रश्नों का उत्तर प्रोफेसर रमेश दीक्षित ने सारगर्भित और सहज भाव से दिए ।
जानकारी के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत एमएलकेपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अर बी. श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलन और सरस्वती जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके किया । अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत भूमिका शुक्ला एवं अन्य छात्राओं द्वार प्रस्तुत किया गया। स्वागत उदबोधन एमएलके कॉलेज के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रेश्वर जी ने किया ।
मुख्य वक्ता का परिचय लखनऊ विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविकांत द्वारा दिया गया । विषय पर संक्षिप्त व्याख्यान राजनीति विज्ञान विभाग के अस्सिस्टेंट प्रोफेसर प्रखर त्रिपाठी द्वारा दिया गया जिसमें उन्होंने विषय की महत्ता और समकालीनता पर प्रकाश डाला तथा मुख्य वक्ता से आग्रह किया कि वे सदन में अपने विचार रखें । कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार लाल ने किया ।
व्याख्यान के दौरान हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. नीरजा शुक्ला, हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश चंद्र गिरी एवं राजनीति विज्ञान विभाग के अवकाशप्राप्त शिक्षक प्रोफेसर नागेन्द्र सिंह , डॉ. तुलशीष दूबे उपस्थित रहे। सदन में राजनीति विज्ञान विभाग के स्नातक एवं परास्नातक कक्षाओं के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे ।



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