अमरजीत सिंह
फैजाबाद। देश में केंद्र में मोदी व राज्य योगी की सरकार रहते हुए भी श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण में देरी हो रही है।लेकिन अब प्रतीक्षा अखरने लगी हैं इस बहुप्रतिक्षित विषय का समाधान शीघ्र मोदी सरकार निकाले जिसको लेकर दिल्ली के आर.के पुरम् में होने वाले मंदिर निर्माण उच्चाधिकार समिति की बैठक में शामिल होने के लिए राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के साथ अयोध्या के प्रमुख संत दिल्ली के लिए रवाना हुए. जिसमे केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल के वरिष्ठ सदस्य महंत कमलनयन दास, राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य पूर्व सांसद रामविलासदास वेदान्ती, महंत सुरेश दास, संत समिति अध्यक्ष महंत कन्हैया दास के साथ विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा रहें।
श्रीराम जन्म भूमि न्यास अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने पत्रिका टीम से बात करते हुए कहा कि न्यायालय में यह विवाद 70 वर्षो से है,न्यायालय और न्यायविदो का सम्मान करते है।वह नियमित सुनवाई के प्रति संवेदनशील हो लेकिन जनजागरण और सरकार का ध्यान आकर्षित कराना हमारा मौलिक और धार्मिक अधिकार भी है तथा कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर कारसेवकों ने अस्थाई तौर पर ही सही मंदिर बना दिया है बस उस स्थान को भव्यता देना शेष है।जिसकी प्रतिक्षा हिन्दू समाज लगातार करता आ रहा है। आज विराजमान रामलला को टेंट में देखकर समाज उद्देलित हो जाता है।समाज स्वंय प्रश्न करता है कि सरकारों के प्रतिनिधि वातानुकुलित बड़े भवनों में आनन्द प्राप्त कर रहे है और दुनिया को छत देने वाले खुद कपड़े के मंदिर में ठंडी, गर्मी और बरसात का सामना तो कर ही रहे है साथ ही कैदियों की भांति पुलिस के अभेद्य सुरक्षा मे जकड़े हुये है।महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा हिन्दू समाज को पीएम मोदी से आशा रही है परन्तु कब तक इसलिए देश के प्रमुख संतों की यह बैठक होने जा रही है।
जिसमे संत धर्माचार्य अपनी भावनाओ से अवगत ही नही कराएँगे बल्कि आगे ठोस कदम भी उठाया जा सकता हैं। माननीय न्यायालय का अपना न्यायिक क्षेत्र है,हम सभी सम्मान करते है। लेकिन आज भगवान श्री रामलला न्यायालय मे याची बनकर रह गये है। यह सभी के लिए पीड़ादायी है। अब प्रतिक्षा नही मंदिर निर्माण होना चाहिए।
संत धर्माचार्य राम जी के नाम पर ही दाल रोटी खा रहे हैं वह उन्हें छोड़ने वाले नही हैं,वह हमारी रग-रग मे समाये हुये है।अब मोदी को आये चार वर्ष से ऊपर हो चुके हैं।विहिप के प्रांतीय मिडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि 5 अक्टूबर को आयोजित दिल्ली के संकटमोचन आश्रम मे संत उच्चाधिकार समिति की बैठक दो सत्र होंगे उसी दिन सांयकाल तक समाप्त होगी, जिसमे देश भर के 40 प्रमुख संत धर्माचार्य सम्मिलित होंगे ।


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