सुनील उपाध्याय
बस्ती। भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक अपनों में महात्मा जी के नाम से प्रिय चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत को उनके 83 वें जन्म दिन पर याद किया गया। शनिवार को यूनियन के शिविर कार्यालय मालवीय रोड पर संगोष्ठी का आयोजन कर वक्ताओं ने उनके योगदान को रेखांकित किया।
महात्मा टिकैत के चित्र पर माल्यार्पण के बाद आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये दिवान चन्द पटेल ने कहा कि किसानों को एकजुट कर उन्हें अधिकार दिलाने के लिये महात्मा जी ने निर्णायक संघर्ष किया। बस्ती से उनका निकट का रिश्ता था। मुण्डेरवा चीनी मिल आन्दोलन और तीन किसानों की पुलिस फायरिंग में हत्या मामले में उन्होने आन्दोलन की अगुवाई किया। वे सदैव किसानों के लिये प्रेरणाश्रोत बने रहेंगे।
कार्यक्रम को भारतीय किसान यूनियन के शोभाराम ठाकुर, डा. आर.पी. चौधरी, हृदयराम वर्मा, राम प्रताप, कन्हैया, नायब चौधरी, रामनेवास, गनीराम, त्रिवेनी चौधरी, महीपत चौधरी, रामनरेश आदि ने सम्बोधित करते हुये अनेक संस्मरण सुनाये। इसी कड़ी में दिल्ली की सीमा तक जाने वाले किसान नेताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुये केन्द्र सरकार के विरूद्ध आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि यदि किसान दिल्ली नहीं जा सकता तो नेता चुनाव में गांव में भी न आये। रामभजन, रामशंकर, रामचन्दर सिंह, चन्द्र प्रकाश चौधरी, सुभाष चन्द, हरि प्रसाद, सत्यराम के साथ ही अनेक किसान, मजदूर उपस्थित रहे।


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