अमरजीत सिंह
फैजाबाद।धर्मनगरी अयोध्या के विवादित परिसर में राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर बीते 7 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत परमहंस दास को रविवार की देर रात तकरीबन 11:30 बजे अचानक पुलिस ने हिरासत में ले लिया है ।
बताते चलें कि रविवार की देर शाम ही उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना यूपी के मुख्य सीएम योगी आदित्यनाथ के दूत बनकर महंत से मुलाकात करने आए थे और इस दौरान उन्होंने महंत से करीब 20 मिनट तक वार्ता भी की और उनसे आमरण अनशन समाप्त करने की अपील की । लेकिन काफी मान मनौवल के बाद भी अनशन पर बैठे महंत ने जिले के प्रभारी मंत्री और योगी सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की बात नहीं मानी ।
मुलाकात के बाद प्रभारी मंत्री ने सोमवार को अनशन कारी महंत और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात की बात कही थी लेकिन रविवार की देर रात ही अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया की अयोध्या आमद क देखते हुए किसी नए विवाद के डर के चलते जिला प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के आनन-फानन में अनशनकारी महंत को हिरासत में ले लिया
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| महंत परमहंस दास |
मुलाकात के बाद प्रभारी मंत्री ने सोमवार को अनशन कारी महंत और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात की बात कही थी लेकिन रविवार की देर रात ही अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया की अयोध्या आमद क देखते हुए किसी नए विवाद के डर के चलते जिला प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के आनन-फानन में अनशनकारी महंत को हिरासत में ले लिया
वायरल हो रही वीडियो
वायरल हो रही वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो एंबुलेंस और पुलिस की जीप में सवार होकर आए जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अनशन पर बैठे महंत को हिरासत में ले लिया और उसके बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है । हालांकि जिला प्रशासन के अधिकारी इस पूरे मामले पर अभी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं लेकिन अनशन स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी यह जरूर कह रहे हैं कि अनशन कारी महंत का अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें जांच के लिए ले जाया गया है । महंत की हिरासत में लिए जाने को लेकर माहौल बेहद गर्म है । बताते चलें कि रविवार की देर शाम जब अनशन कारी महंत ने प्रभारी मंत्री सतीश महाना की बात मानने से इनकार कर दिया था उसी समय कहीं न कहीं इस बात की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी की माहौल खराब ना हो और इस मुद्दे को लेकर कोई नई सियासत ना पैदा हो जाए इसे ध्यान में रखकर महंत की गिरफ्तारी की जा सकती है और आखिरकार यह आशंकाएं सही साबित हुई और रविवार की देर रात जैसे जैसे अनशन स्थल पर लोगों की भीड़ कम होती गई वैसे ही पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ती गई और आखिरकार अनशन कारी महंत को हिरासत में ले लिया । एहतियात के तौर पर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ।
अनशनरत संत पर पुलिसिया कार्रवाई से नाराज हो गए तोगड़िया
अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया रात ढाई बजे अयोध्या पहुंचे वहां पर अनशन पर बैठे संत परमहंस पर पुलिसिया कार्यवाही से नाराज़ हुए।अनशनस्थल पर जाकर प्रवीण भाई तोगड़िया ने नाराज़गी दिखाते हुए कहा कि अब ये आंदोलन देश व्यापी होगा।संत परमहंस को खींचकर बलपूर्वक ले जाकर शासन प्रशासन ने संत का ही नही बल्कि भगवान राम का भी अपमान किया है।सत्ता में बैठे लोग राम मंदिर बनाना नही चाहते।राम मंदिर की बात करने वालो का किया जा रहा है दफन लेकिन सौ करोड़ हिंदुओं की आवाज़ कोई नही दबा सकता है।पूरे देश से 21 अक्टूबर को अयोध्या कूच की तैयारी हो चुकी है।
मंदिर निर्माण के लिए लाखों गाँव मे हिंदुओं को जगाने का तैयारी जोरों पर है।अगर मंदिर न बना तो लोग लोकतांत्रिक वोटो से केंद्र व प्रदेश सरकार को उत्तर देंगें। वहीं आमरण अनशन पर संत के समर्थन में किन्नर गुलशन बिन्दु को भी जिला प्रशासन ने उन्हीं के घर में नज़रबंद कर दिया है।जिला प्रशासन ने आवास के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया है
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