अमरजीत सिंह
फैजाबाद। मंगलवार को रौजागांव चीनी मिल के आयोजित किसान गोष्ठी के उदघाटन दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा पहले अधिकतर जोताई बैल व हल से होती थी अब हल व बैल से एक प्रतिशत से भी कम जोताई होती है।किसान ट्रैक्टर की ओर रुझान कर रहा है बैल से किसान ने काम लेना बन्द कर दिया है।गोबर से बनी खाद की जगह किसान रासायनिक खाद का अधिक उपयोग कर रहा है।जिससे पृथ्वी के गर्भ में पानी भी दूषित हो रहा है और मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।यह बातें चीनी मिल रौज़ा गांव द्वारा आयोजित कृषि यंत्र एवं किसान समृद्ध मेला में आये हुए किसानों को संबोधित करते हुए ज़िलाधिकारी अनिल कुमार पाठक ने कही उन्होंने कहा कि आज नई पीढ़ी का झुकाव कृषि कार्य से हट रहा है आज नई पीढ़ी से पूछने पर की वह किस क्षेत्र में जाना चाहेंगे तो अधिकतर सरकारी नौकरी या व्यापार ही बताते है।यह चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि बैल का इस्तेमाल कम कर किसान कृषि यंत्र का इस्तेमाल अधिक करने लगे है यही वजह है कि छुट्टा जानवर फसल को नष्ट कर रहे है।कृषि यंत्र के अधिक इस्तेमाल से ही केचुए भी नष्ट हो रहे है इससे मिट्टी की उपज पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए हमें पुरानी परम्परा को भूलना नहीं चाहिए बल्कि उसे अपनाना चाहिए।जी एम के मनोज सिंह ने कहा कि किसान गन्ने की पत्ती को खेतों में जला देते हैं अगर ये वही पड़ी रहने दे को इससे केचुए उत्पन्न होंगे और इससे भूमि काफी उपजाऊ भी होगी।उन्होंने ग्राम स्तर पर गोष्ठी आयोजित कर अधिक उपज के सूत्र बताने की भी बात कही। इससे पहले ज़िलाधिकारी अनिल कुमार पाठक ने मेले का फीता काट कर उद्घाटन किया।इस अवसर एसडीएम टीपी वर्मा,क्षेत्राधिकारी अमर सिंह,तहसीलदार शिव प्रसाद सहित मिल कर्मी व काफी संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ