वासुदेव यादव
अयाेध्या । फैज़ाबाद:श्री राम मन्दिर निर्माण काे लेकर पांच दिनाें से आमरण-अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी के महन्त परमहंसदास ने कहाकि मुझे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण भाई ताेगड़िया का पूरा समर्थन मिल रहा है। वह लाेग हमारे साथ हैं जाे बहुत जल्द ही अयाेध्या आने वाले हैं। इनमें से अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण ताेगड़िया सम्भवतः 8 अक्टूबर को यहां आ सकते हैं।
महन्त से जब यह पूछा गया कि आप का वजन अब तेजी के साथ घट रहा है। जाे एक शुभ संकेत नही है। इससे आपका स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हाे सकता है, जिससे आपकी जान भी जा सकती है। ताे उन्हाेंने कहाकि ठीक है मेरी जान चली जाए ताे काेई बात नही। मैं ताे अपना श्राद्ध पहले से ही करके 1 अक्टूबर से आमरण-अनशन पर बैठा हूं। मेरी मांग है कि प्रधानमंत्री माेदी अयाेध्या आकर रामलला का दर्शन करें और राममन्दिर निर्माण के लिए काेई ठाेस आश्वासन दें। तभी मेरा अनशन टूटेगा। नही यूं ही चलता रहेगा। मैं राममन्दिर के लिए प्राण त्यागने काे तैयार हूं।
उन्हाेंने कहाकि अभी तक आमरण-अनशन हमने इस लिए नही किया। क्योंकि हम सब साढ़े चार साल तक माेदी काे देख रहे थे कि वह मन्दिर बनवा देंगे। लेकिन उन्हाेंने एेसा नही किया। इसलिए मुझे आमरण-अनशन करने के लिए बाध्य हाेना पड़ा। माेदी ने साै कराेड़ हिन्दुओं के साथ धाेखा किया सिर्फ सत्ता हथियाने काे। जिस राममन्दिर के नाम पर माेदी की सारी राजनीति व सियासत है। उस रामलला का दर्शन यदि पीएम कर लें ताे साै कराेड़ हिन्दुओं में एक आशा की किरण जग जाएगी। महन्त ने कहाकि मन्दिर के लिए माेदी पुख्ता आश्वासन दें। उन्हें राममन्दिर पर पहल करने के लिए कितना समय चाहिए। एक महीना, दाे महीना, तीन महीना।
पीएम मोदी इस बारें में एक बार बता दें। हम उन्हें समय दे देंगे। राममन्दिर के लिए कई पीढ़ियां हमारी मर चुकी हैं। आखिर कब तक भगवान राम के मन्दिर के लिए शहीद हाेते रहेंगे। अब हम राममन्दिर के नाम पर राजनीति नही हाेने देंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काे अयाेध्या आकर यह देखना चाहिए की हमारे रामलला टाट-पट्टी में हैंं। उन्हें एक भव्य भवन की आवश्यकता है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ