कथावाचक ने गोण्डा के मीडिया की भूरि भूरि प्रशंसा की
दौदापुर में चल रही रामकथा का छठवां दिन
ए. आर. उस्मानी / अजीज हसन सिद्दीकी
गोण्डा। क्षेत्र के दौदापुर गांव में चल रही श्रीराम कथा के छठवें दिन परम् पूज्य संत प्रेमभूषण जी महराज ने कथा में कहा कि इस समय बहुत संत व कथावाचक भी जेल जा रहे हैं, लेकिन मैं कहता हूं कि जो लोग अध्यात्म को दुकान समझ के चला रहे हैं, उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। कभी कोई सही कथावाचक या संत जेल नहीं जाता। कथा में श्री महाराज ने जनकपुरी के मिथिला नगरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि मिथिला ही प्रेम की नगरी है।
वहांं के लोग आज भी धर्मशील हैं। जब प्रभु राम की बारात अयोध्या से मिथिला नगरी गयी, तो वहां के लोगों ने बारातियों का खूब आदर किया। बारात वहांं पूरे मास तक रही, लेकिन जब विदाई की बात आई तो वहांं के लोग विदाई को तैयार ही नहीं हो रहे थे। कहने लगे कि प्रेम कभी विदा नहीं करता। कथा में महाराज ने कहा कि आज हमें बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें उच्च शिक्षा ग्रहण कराने की आवश्यकता है।
बेटियां आज उच्च पदों पर पहुंंचकर विश्व में अपने देश के गौरव को बढ़ा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आज हमारी बेटियां देश की विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री व लोकसभा अध्यक्ष जैसे पदों पर रहकर देश की सभी बेटियों का मान बढ़ा रही हैं।
महाराज जी ने कहा कि मैं पहली बार इस जिले में आया हूं। यह कोई बहुत विकसित जिला भी नहीं है और प्रेस स्वतंत्र भी है, फिर भी यहां के प्रेस के लोगों ने अध्यात्म को इतना स्थान दिया, जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था। उन्होंने जिले की मीडिया की उपस्थित लोगों के बीच प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि नारी शिक्षा के लिए अभियान चलाना पड़ रहा है। इसका मतलब है कि हमने इसमें कोई कमी की है जिससे सरकार को आज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए जोर लगाना पड़ रहा है। साथ ही यह भी कहा कि जिसे भी प्रातः काल जागने की आदत पड़ गयी वो जीवन में कुछ न कुछ जरूर हासिल कर लेगा।
शुक्रवार की कथा में श्री महाराज ने अपने संगीतमयी श्रीरामकथा में जनकपुरी के मिथिला नगरी से प्रभु की विदाई व भगवान के वन जाते समय केवट प्रेम की कथा को बड़े ही विस्तार से लोगों को सुनाया।कथा के प्रारम्भ में आयोजक व मुख्य यजमान पदुमनाथ तिवारी, संतोषमणि तिवारी, रुचि तिवारी सहित अन्य परिवार के लोगों ने कथा व्यास व श्री महाराज की आरती उतारी।
कथा के दौरान अयोध्या से आये राजकुमार दास, महेश तिवारी, अम्बरीष तिवारी, काशी तिवारी, हरीश तिवारी, उमाशंकर शुक्ल, विक्की मिश्रा, स्वयं प्रकाश शुक्ल, ज्ञान प्रकाश शुक्ल, सोनू मिश्रा, अनुराग मिश्रा, स्वामीनाथ उपाध्याय, सहजराम तिवारी, धीरेंद्र तिवारी, शीतला तिवारी, राजेश तिवारी, राजेश दूबे, बबलू जैन, दिनेश शुक्ल सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और रामकथा का आनंद उठाए।




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