तीन सेंटरों को टीम ने खंगाला, मिलीं खामियां
ए. आर. उस्मानी / मोहम्मद इरफान
गोण्डा। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा डायग्नोसिस सेंटर पर हुई छापेमारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। टीम ने चार सेंटरों पर छापेमारी की, जहां तमाम खामियां मिलीं। छापेमारी की सूचना से क्षेत्र में चल रहे अवैध निजी नर्सिंग होम के संचालकों में अफरा तफरी मची रही। आनन फानन में नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों को हटाया जाने लगा।
शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे उप जिलाधिकारी करनैलगंज रमाकांत वर्मा व अपर मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ.देवराज की संयुक्त टीम ने करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास चल रहे तीन डायग्नोस्टिक सेंटरों, प्रताप डायग्नोस्टिक सेंटर, सुपर डायग्नोस्टिक सेंटर एवं त्रिशा डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी की। यहां पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आए लोगों की भीड़ व उनके पर्चे मिले, मगर सेंटर के बोर्ड पर दर्ज नाम के डॉक्टर व उनकी डिग्री सही नहीं मिली।
मौके पर चिकित्सक भी नहीं मिले। एसडीएम ने बताया कि डॉक्टर के साथ लिखी हुई डिग्री मौके पर नहीं मिली। प्रताप डायग्नोस्टिक पर महिला डॉक्टर निधि रावत उपस्थित मिली। मगर उनकी नई मशीन अभी तक संचालित नहीं हुई है। कार्य नहीं होता पाया गया। उसके बाद टीम ने करनैलगंज तहसील के सामने सुपीरियर डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा।
वहां भी यही स्थिति पाई गई। एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी गोंडा के निर्देश पर यह छापेमारी की गई है। चारों डायग्नोस्टिक सेंटर पर की गई छापेमारी के दौरान जो भी कमियां मिली हैं उसकी एक रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।



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