अमरजीत सिंह
फैजाबाद। गत दिनों शव जलाने को लेकर सरैठा गांव में उपजे जमीनी के विवाद में पुलिस की भूमिका निराशा जनक देख खातेदारों ने पुलिस पर मोटी रकम वसूल कर अपनी ही बातों से पलटने व गांव के कुछ सरारती तत्वों द्वारा जबरदस्ती शव जलवाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री सहित अधिकारियों को सात लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है।
गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को सरैठा गांव में शिव शंकर गुप्ता की मौत हो गयी थी।जिनका शव राम कुमार पुत्र गया प्रसाद के नाम दर्ज सक्रमंणीय भूमि में जबरदस्ती शव जलाने को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने आठ लोगों को शांति भंग की धारा 151 में जेल भेज दिया था। बताते है कि गाटा स.1325 /0.24 हेक्टेयर 1326 / 0.76 हेक्टेयर राम कुमार के आलावा उऊफ पुत्र रहमत उल्लां व नादिराबानों पत्नी इशरार अली का नाम सरकारी अभिलेख में दर्ज है।राम कुमार ने बताया कि उक्त जमीन पर लगे शीशम आदि के पेड़ों की हम खातेदार मिलकर 27 अक्टूबर को छंटाई व सफाई कर रहे थे।तभी हाइवे चौकी प्रभारी भीमसेन यादव पहुंचे और काम को बंद कराते हुए कहा कि दुबारा जमीन के करीब दिखाई पड़े तो जेल भेज देगे। जबकि शव जलाने के लगभग 15 दिन पूर्व हल्का लेखपाल व रोक लगाने वाले चौकी प्रभारी ने स्वयं हम खातेदारों को कब्जा दिलाया था।
राम कुमार,रऊफ व नादिराबानों के द्वारा जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री को लिखित शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की गई है। शिकायती पत्र में आरोप है कि सहजराम,साहब बक्श,नितेश सिंह,अमरेश कुमार ऊर्फ पप्पू यादव,भोला सिंह,अखिलेश व रवीश द्वारा पुलिस को मोटी रकम दी गई है। जिसके चलते पुलिस आए दिन धमकाती रहती है। साथ ही बताया कि पप्पू यादव प्रधानी का चुनाव लड़े थे जिसमें हम लोगों ने बिपक्ष में वोट डाले थे।वहीं रंजिश हैं और चौकी प्रभारी भी यादव है जिसका फायदा उठा कर आरोपी परेशान किया करते हैं। क्योंकि उक्त आरोपियों का एक गुट है और ये लोग मनबढ़ व दबंग किस्म के हैं।


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