ए. आर. उस्मानी / मो. इरफान
गोण्डा। डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह संक्रामक रोग एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले व ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंच चुका है। संक्रामक रोग से मरीजों की संख्या दो सौ से अधिक हो चुकी है। मीडिया में खबरें आने के बाद आयुक्त व डीएम ने मामले का संज्ञान लेकर
करनैलगंज में अतिरिक्त चिकित्सकों की टीम तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इस पर गोंडा जिला अस्पताल से तीन चिकित्सकों व दो फार्मासिस्ट को दवाओं के साथ करनैलगंज में अतिरिक्त भेजा गया है।
करनैलगंज नगर के मोहल्ला सकरौरा से शुरू हुआ डायरिया का प्रकोप धीरे-धीरे पांव फैलाने लगा है। नगर के मोहल्ला सदर बाजार एवं सकरौरा पश्चिमी, सकरौरा पूर्वी क्षेत्र में भी फैल गया है। इसके अलावा अब ग्रामीण क्षेत्र से भी मरीजों की आमद शुरू हो गई है। सोमवार को डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक हो जाने से करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी बेड पूरी तरह भर गए। मजबूरन डॉक्टरों को एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ा और उनका इलाज किया गया। करीब चालीस से अधिक मरीज भर्ती किए गए। इसके अलावा करीब सवा सौ मरीजों का मोहल्लों में जाकर स्वास्थ्य की टीम द्वारा इलाज किया गया। वहीं रविवार को डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या सौ के आसपास थी।
जिससे अब डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक हो गई है। मामले को संज्ञान में लेते हुए आयुक्त सुधेश कुमार ओझा व जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने सीएमओ को तत्काल करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टरों की अतिरिक्त टीम भेजने का निर्देश दिया। इस पर जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलधरमऊ के चिकित्सक एवं फार्मेसिस्ट को करनैलगंज में लगाया गया है और लगातार डॉक्टरों की टीम करनैलगंज में ही कैंप कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें रहस्यमयी बीमारी से प्रभावित मोहल्लों में भेज कर वहां उल्टी और दस्त से पीड़ित लोगों का इलाज कराया जा रहा है।
वहीं जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र पर ही करनैलगंज के नायब तहसीलदार को लगातार निगरानी के लिए मौजूद रहने का निर्देश दिया है। प्रभारी सीएमओ डॉक्टर गयासुल हसन ने भी सीएचसी का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त डॉक्टर सुरेश चंद्रा, डॉक्टर सुनील सिंह, डॉ. फखरे आलम, डॉ. अरकान, डॉ. मुदस्सीर, डॉ. अश्वनी गुप्ता, डॉ. अजीत सिंह के साथ फार्मासिस्ट जीएस पाठक, जेपी शुक्ला, संजय यादव, सुरेंद्र यादव, स्टाफ नर्स में विजेता, डॉली, सरिता, मनोज, संध्या को डायरिया से प्रभावित मरीजों की देखरेख लगातार करने के लिए लगाया गया है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा बताते हैं कि यह विशुद्ध रूप से डायरिया है। इससे पीड़ित जो भी मरीज आते हैं, उनका इलाज कर अधिकांश मरीजों को ठीक कर उनके घरों को वापस भेजा जा चुका है। कुछ मरीज ऐसे हैं जिनकी स्थिति गंभीर है, जिन्हें भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है और लगातार अस्पताल में ही डॉक्टरों की टीम कैंप कर रही है। दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है।


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