अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आज राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है । बृजभूषण शरण सिंह का स्पष्ट शब्दों में सुप्रीम कोर्ट पर आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट जानबूझकर राम मंदिर विवाद को लटका रहा है । उन्होंने यह भी स्पष्ट शब्दों में कहा है कि 1992 में भी जब बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था उस समय भी कोर्ट ने कुछ ऐसा ही रवैया अख्तियार किया था ।
उनका इशारा कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर जिस प्रकार कारसेवकों ने जबरन बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया था उसी ओर है ।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के एक सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव तक मामला टालने की की थी ।सुप्रीम कोर्ट पर सीधे कहने के बजाय उनका इशारा कुछ इसी तरफ इंगित कर रहा है कि संभवत कांग्रेश के दबाव में सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले की सुनवाई जनवरी तक टाल दिया है । यहां यह बताना जरूरी है की सुप्रीम कोर्ट ने ही 29 अक्टूबर से लगातार राम मंदिर की सुनवाई करने का आदेश जारी किया था उस समय चीफ जस्टिस थे दीपक मिश्रा जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं ।
लोगों के अंदर यह संशय बरकरार हैं कि एक चीफ जस्टिस के बदल जाने से क्या आदेश भी बदल जाते हैं परिस्थितियां भी बदल जाती हैं । ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हो गई कि सुप्रीम कोर्ट ने डेली सुनवाई करने के बजाय लगभग 3 महीने के लिए सुनवाई टाल दी जबकि राममंदिर का मामला काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण हो गया है । इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि क्या कोर्ट के सामने राम मंदिर का मुद्दा ही सबसे बड़ा है । इसके अलावा भी तमाम मुद्दे हैं जिन्हें कोर्ट को निपटाना है । सांसद बृजभूषण शरण सिंह का इशारा कुछ इसी ओर था कि सुप्रीम कोर्ट 100 करोड़ हिंदू जनता की भावनाओं को अपने इस फैसले से आहत किया है ।
सुप्रीम कोर्ट के पास और मामले सुनने का समय है परंतु 100 करोड़ जनता की आस्था से जुड़ा राम मंदिर मुद्दा की सुनवाई करने का समय नहीं है । कहीं ना कहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रश्न चिन्ह लगना स्वाभाविक है । उनका यह भी कहना है कि भारतीय जनता पार्टी और उसका शीर्ष नेतृत्व मंदिर निर्माण शुरू कराने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है । निश्चित रूप से मंदिर निर्माण चुनाव से पहले ही शुरू होगा । उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि कि भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में राम मंदिर नहीं है ना ही पिछले चुनाव में भी रहा है परंतु भाजपा के प्राथमिकताओं में राम मंदिर का मुद्दा है ।पिछला विधानसभा चुनाव में राम मंदिर के मुद्दे पर नहीं लड़ा गया था और ना ही आगामी लोकसभा चुनाव राम मंदिर के मुद्दे पर लड़ा जाएगा फिर भी भारतीय जनता पार्टी राम मंदिर आपने प्राथमिक मुद्दों में लेकर चल रही है और इसीलिए यह निश्चित है की प्रधानमंत्री मोदी के इसी कार्यकाल में राम मंदिर का निर्माण हर हाल में शुरू होगा ।
संत समाज भी यही चाह रहा है और संत समाज से ही भाजपा का अस्तित्व है । जब जब हिंदू जनता पर संकट आया है तब तब संत समाज ने आगे आकर उनकी रक्षा की है और आज वह समय आ गया है कि एक बार फिर संत समाज आगे आ रहा है । उन्होंने एक दोहा के जरिए 1992 की याद ताजा करा दी और कहा कि "अब देर नहीं कीजै केशव, अवशेष नहीं कीजै केशव ।। रण की भेरी बज जाने दो, संग्राम तुरंत ठन जाने दो ।। उनका इशारा साफ तौर पर 1992 की घटना पर था । इस दोहे से अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि अब रण की भेरी बजने की आवश्यकता है उसके लिए चाहे संघर्ष ही क्यों ना करना पड़े । अर्थात राम मंदिर का निर्माण हर हाल में शुरू होना ही है ।
बृजभूषण शरण सिंह आज बलरामपुर के हनुमानगढ़ी मंदिर पर चल रहे हनुमान जयंती समारोह में भाग लेने पहुंचे थे । हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर उन्होंने पहले हनुमान जी भगवान राम तथा मंदिर के संरक्षक अयोध्या के मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास शास्त्री का आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने यह सारी बातें पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा । वार्ता के दौरान विधायक सदर पलटू राम, हनुमानगढ़ी के महंत महेंद्र दास, भाजपा मीडिया प्रभारी डीपी सिंह, नगर अध्यक्ष बृजेंद्र तिवारी व पवन शुक्ला सहित तमाम लोग मौजूद थे ।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ