चौथे महामिलन समारोह में जुटे क्षत्रिय सूरमा, सत्ता, संगठन और स्वाभिमान पर हुआ मंथन
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। रविवार को बाबा बालेश्वरनाथ मंदिर प्रांगण में क्षत्रिय युवा वाहिनी द्वारा चौथे क्षत्रिय महामिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि राजा साहब उमेश प्रताप मल्ल जी राजा मझौली, देवरिया रहे। युवराज कुँवर अभिषेक प्रताप मल्ल, युवराज मझौली मंगलदेव सिंह, बलरामपुर, श्याम बहादुर सिंह गोरखपुर उपस्तिथि रहे। समारोह में कई जिलों के साथ गोण्डा जिले के लगभग 150 गांंवों के हजारों क्षत्रियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक आनंद सिंह ने कहा कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राजा देवी बक्श सिंह गोण्डा के राणा प्रताप हैं। राष्ट्रीय वित्त सचिव अंकु सिंह ने कहा कि राजा देवी बक्श का योगदान किसी भी स्वतंत्रता सेनानी से अधिक है। देश के लिए उनका त्याग अतुलनीय है। राष्ट्रीय अध्यक्ष लखेस्वरी सिंह ने कहा कि देश के लिए सब कुछ न्यौछावर कर देने वाले राजा देवी बक्श सिंह का अभी तक की सभी सरकारों ने घोर उपेक्षा की है, जो कि बहुत ही निराशा का विषय है। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अमित सिंह ने कहा कि महाराजा देवी बक्श सिंह हमारे पूर्वज थे। वे गोण्डा के गौरव थे।
उनका सम्मान करना हमारा धर्म है और उनका सम्मान होना ही चाहिए। साथ ही उन्होंने 7 सूत्रीय मांग का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें गोण्डा के फौवारा चौराहा का नाम राजा देवी बक्श सिंह चौराहा रखने, चौराहे पर राजा देवी बक्श सिंह की भव्य प्रतिमा स्थापित करने, गोण्डा में उनके नाम पर एक पार्क बनवाने, जिला अस्पताल का नाम राजा देवी बक्श सिंह के नाम पर करने, चौराहे से लेकर रेलवे स्टेशन तक के मार्ग का नाम राजा देवी बक्श सिंह मार्ग करने, गोण्डा शहर के किसी एक सरकारी विद्यालय का नाम राजा साहब के नाम पर रखने तथा देश के लिए उनके योगदान को कम से कम उत्तर प्रदेश शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांगें प्रमुख हैं।
इस प्रस्ताव का समर्थन संगठन के राष्ट्रीय कार्य कारिणी के रवि भूषण सिंह, महेंद्र बक्श सिंह, स्वतन्त्र सिंह, अतुल सिंह, संजय सिंह होल्लापुर, संजय सिंह मझगवां, योगेश सिंह, सन्तोष सिंह, विकास सिंह, विजय सिंह बब्बू काका, अंकुश सिंह, शशि सिंह, नीरज सिंह, लवकुश सिंह, गोकरन सिंह, जंगली सिंह, मुनिजर सिंह, अशोक सिंह, डॉ. शिव पूजन सिंह, विपिन सिंह, मनीष सिंह, मुकेश सिंह ने पुरजोर तरीके से किया। साथ ही वहां पर उपस्थित हजारों क्षत्रियों ने बहुत ही उत्साह के साथ करतल ध्वनि से प्रस्ताव पर सहमति जतायी। संरक्षक मंडल के सदस्यों मंगलदेव सिंंह, राम सूरत सिंह, रामचन्द्र सिंह, रविन्द्र नाथ सिंह, दिलीप सिंह, भूपेंद्र बक्श सिंह, रंजीत सिंह, शारदा बक्श सिंह, हरिश्चन्द्र सिंह, वीर विक्रम सिंह ने पूरे उल्लास के साथ प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। संगठन ने कहा कि यदि हमारे प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी नहीं दी गई तो संगठन प्रचंड आंदोलन करेगा। साथ ही समाज में सभी के बीच भाईचारा और सद्भाव कैसे स्थापित हो ? इस पर भी चर्चा हुई।



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