प्रदेश का यह पहला अदभुत और अनुकरणीय कार्यक्रम : संयुक्ता भाटिया
ए. आर. उस्मानी
लखनऊ। लखनऊ की सबसे सक्रिय सामाजिक संस्था 'बैदेही वेलफेयर फाउंडेशन' ने घर-घर बैदेही एक मदद छोटी सी शाखा का एक अद्भुत सिन्दूर सम्मान समारोह आयोजित किया। अखन्ड सौभाग्यवती सिन्दूर सम्मान समारोह कार्यक्रम धनतेरस, दिवाली, करवा चौथ और छठ पूजा के उपलक्ष में हुआ, जिसमें फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. रूबी राज सिन्हा और इंजीनियर प्रशांत प्रवीण सिन्हा ने करीब 35 महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती भव: सिंदूर सम्मान से सम्मानित किया।
बैदेही वेलफेयर फाउंडेशन की शाखा घर-घर बैदेही जो केवल झुग्गी झोपड़ियों के लिए कार्य करती है और महिलाएं टीम के साथ जाकर लखनऊ के अलग-अलग क्षेत्रों में झुग्गी झोपड़ी में फल, कपड़े, कंबल, दवाई, सेनेटरी नैपकिन आदि वितरित करती हैं, उन महिलाओं को सम्मान और अखन्ड सिन्दूर सुहाग देने के लिए 11 नवंबर को लखनऊ के अलीगंज में पाम डिलाइट होटल में अखंड सौभाग्यवती भवा सिंदूर सम्मान का आयोजन हुआ। इसमें घर-घर वैदेही टीम की महिलाओं के साथ ही, वे अन्य महिलाएं शामिल थीं,
जो समाज सेवा, कला, संस्कृति तथा किसी भी तरह के आत्मनिर्भर कार्य, व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। सब सुहागिन महिलाएं पारंपारिक वेशभूषा में लाल और पीली थीम के लहंगे व साड़ियां पहन के कार्यक्रम में आई थीं, जिन्होंने अपना परिचय दिया और बताया कि वह अपने जीवन के उतार-चढ़ाव से होकर किस तरह अपने घर गृहस्थी के साथ में समाज के लिए, कला के लिए, संस्कृति के लिए तथा शिक्षा के लिए भी समय निकालकर लोगों की मदद करती हैं।
इसी क्रम में बैदेही वेलफेयर फाउंडेशन ने करीब 35 महिलाओं को सिंदूर सम्मान से सम्मानित किया। 35 महिलाओं को स्टील की थाली, स्टील लोटा, दीया, सिंदूर और बिंदी का अटल सुहाग थाल बनाकर तथा उनकी मांग में सिंदूर भर के अखंड सौभाग्यवती भवा सिंदूर सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही उनके व्यवसाय को देखते हुए 35 महिलाओं को राधा कृष्ण की सुंदर तस्वीर बनाकर उनका नाम लिखकर अखंड सौभाग्यवती भवा सिंदूर सम्मान से सम्मानित किया गया।
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में शायद यह पहला ऐसा कार्यक्रम वैदेही वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा किया गया, जिसमें 35 महिलाओं को सिंदूर चढ़ाकर, सिंदूर मांग में भरकर उन्हें सुहाग थाल देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लखनऊ की प्रथम महिला महापौर नारी सशक्तिकरण का उदाहरण श्रीमती संयुक्ता भाटिय रहीं, जो अखंड सौभाग्यवती भाव: सिंदूर सम्मान से इतना प्रभावित हुईं कि उन्होंने करीब 15 मिनट सुहागिनों को सम्बोधित किया और अपनी शुभकामनाएं व आशीर्वाद बैदेही फाउन्डेशन की अध्यक्ष डा.रूबी राज सिन्हा और सभी सुहागिन महिलाओं को दी। इसके साथ ही सभी महिलाओं को सिंदूर लगाकर और उन्हें सुहाग थाल देकर फोटो खिंचाने की इच्छा जाहिर की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने इस कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की और बेहद खुश हुईं। उन्होंने अपने हाथों से अटल सुहाग थाल भी उठाया और उसको देखा और उसकी प्रशंसा की। साथ ही राधा कृष्ण की फ्रेम की हुई तस्वीरों को भी देखा, जिन पर सुहागिन महिलाओं का नाम लिखा हुआ था। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि में विकास नगर की पार्षद श्रीमती मिथिलेश चौहान व गेस्ट ऑफ ऑनर में श्रीमती मनीषा निगम मिश्रा रहीं, जो कि ओरिफ्लेम की डायमंड डायरेक्टर हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्यरत हैं।
डॉ. रूबी राज सिन्हा व ई. प्रशांत प्रवीण सिन्हा ने महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह राधा कान्हा की तस्वीर, फूल और तुलसी पौधा देकर सम्मानित किया। साथ ही विशिष्ट अतिथि श्रीमती मिथिलेश चौहान व श्रीमती मनीषा मिश्रा को सिंदूर लगाकर स्मृति चिन्ह राधा कान्हा की तस्वीर के साथ अटल सुहाग थाल देकर सम्मानित किया। सुहाग सिन्दूर सम्मान इतना दिल को छू लेने वाला था कि ज्यादातर महिलाओं ने डॉ. रूबी राज सिन्हा के अटल सुहाग सम्मान लेने के बाद उनके पांव भी छुए और सभी महिलाओं ने डॉ. रूबी राज सिन्हा को सिंदूर लगाकर उनको भी सुहाग दिया।
अंत में डॉ.रूबी राज सिन्हा ने इस कार्यक्रम में आने वाली सभी महिलाओं, अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि अतिथियों तथा आगंतुकों की वजह से ही यह कार्यक्रम अद्भुत रूप में सौंदर्य करण और संस्कृति की पराकाष्ठा पर खरा उतरा। साथ ही जानकीपुरम की घर-घर बैदेही की कोऑर्डिनेटर श्रीमती नेहा सिन्हा को बहुत-बहुत बधाई दूंगी क्योंकि उनके द्वारा धनतेरस पर घर-घर वैदेही की झुग्गी झोपड़ियों में बर्तन खील बताशे वितरित कराए गए थे और उन्हीं के सम्मान में यह सिंदूर सम्मान किया गया। श्रीमती नेहा सिंहा व अन्य सभी महिलाओं को महापौर संयुक्ता भाटिया, मिथलेश चौहान और मनीषा मिश्रा ने सम्मानित किया।





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