अखिलेश्वर तिवारी/अजीत श्रीवास्तव
सूर्य उपासना का पर्व छठ जिले के कई भागों में मनाया गया
बलरामपुर ।। सूर्य देव की उपासना तथा सुख समृद्धि व परिवारों के सुख शांति के लिए मनाया जाने वाला छठ महापर्व बिहार तथा उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के साथ साथ अब प्रदेश के अन्य जनपदों में भी मनाया जाने लगा है ।
जनपद बलरामपुर के कई हिस्सों में जहां पर पूर्वांचल अथवा बिहार के लोग निवास करते हैं उन क्षेत्रों में भी छठ महापर्व मनाए जाने की परंपरा काफी दिनों से चली आ रही है । जिला मुख्यालय के झारखंडी सरोवर तथा बलरामपुर चीनी मिल के पावर डिविजन स्थित पोखरे में बड़ी संख्या में व्रत धारी महिलाओं तथा पुरुषों ने उगते सूरज को अर्घ्य देकर व्रत समाप्त किया ।
बुधवार की सुबह उगते सूरज को अर्घ्य दिया गया और इसी के साथ 4 दिनों तक चलने वाला छठ महापर्व संपन्न हो गया । व्रत धारियों का कहना है की सूर्य देव की उपासना तथा छठ माई की कृपा से जो भी मनोकामना लेकर व्रत किया जाता है वह अवश्य पूरा होता है । इस व्रत का विधान है कि पहले दिन सायंकाल स्नान ध्यान करके मीठा भोजन कर उपासना की शुरुआत की जाती है । दूसरे दिन मीठा भोजन वह विशेष प्रकार के पकवान ठेकुआ आदि ग्रहण कर अल्पाहार कर उपासना किया जाता है । तीसरे दिन निर्जल व्रत रखकर सायंकाल अस्ताचल गामी सूर्य अर्थात डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है ।
निर्जल व्रत जारी रखते हुए चौथे दिन प्रातः उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर व्रत धारी महिला पुरुष वहीं पर जल ग्रहण कर व मिष्ठान पर ग्रहण कर व्रत को समाप्त करते हैं । व्रत में पूजन के दौरान तमाम प्रकार के ऋतु फल व गन्ना का विशेष महत्व है जिसे पूजन में प्रयोग किया जाता है । व्रत समाप्त करने के बाद व्रत करने वाले लोग अपने आसपास प्रसाद वितरण करते हैं । हजारों की संख्या में आज जिले के विभिन्न भागों में लोगों ने व्रत रखा और सूरज को अर्घ्य देकर व्रत को समाप्त किया ।
तुलसीपुर संवाददाता के अनुसार तुलसीपुर के कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों ने छठ महापर्व अनुष्ठान करके अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए व्रत रखा ।बुधवार की सुबह तुलसीपुर तहसील मुख्यालय स्थित गया प्रसाद पोखरे में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पानी में खड़े होकर घंटों सूर्य उपासना की तथा सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने व्रत को संपन्न ने किया और प्रसाद ग्रहण कर लोगों को प्रसाद वितरण किया ।




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