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देखिये वीडियो :मोतीगंज के दिनारा में हुए खूनी संघर्ष में इलाकाई पुलिस कटघरे में













दो महिलाएं हुईं गंभीर रूप से घायल, विवेचक ने की दोतरफा कार्रवाई
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के दिनारा गांव में हुए खूनी संघर्ष के चार दिन बाद जो कहानी सामने आयी है, उसने इलाकाई पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। करीब आधा घंटे तक चले इस तांडव में एक ही पक्ष की दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनमें से एक को डॉक्टरों ने रेफर कर दिया है।इस खूनी संघर्ष में जहां एक महिला का हाथ फैक्चर हो गया, वहीं दूसरी के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। इसके बावजूद पुलिस ने महज एनसीआर दर्ज किया है।






 हद तो तब हो गई, जब दूसरे पक्ष से मिलकर विवेचक दरोगा ने तहरीर लेकर उसकी तरफ से भी क्रास केस दर्ज कर लिया। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुए खूनी संघर्ष के वीडियो को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने सख्त कार्रवाई की बात कही है।
वीडियो : लोग हुए घायल 


    गौरतलब है कि मोतीगंज थाना क्षेत्र के दिनारा बनकटा गांव में 15 नवम्बर को सुबह करीब 7 बजे दो पक्षों में मामूली बात को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी आगे बढ़ गई कि गाली गलौज ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों से लाठी डंडा और ईंट पत्थर चलने लगे। बताया जाता है कि इसमें एक पक्ष कमजोर पड़ गया, जिससे उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। दबंगों ने करीब आधा घंटे तक जमकर तांडव किया, जिसमें महिलाओं और पुरूषों पर दौड़ा दौड़ाकर लाठियां बरसाई गयीं। इस खूनी संघर्ष में बृज कुंवर (70 वर्ष) पत्नी शिव प्रसाद का हाथ फैक्चर हो गया तथा उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आईं, जबकि अमरेंद्र बहादुर की पत्नी पुष्पा (35 वर्ष) का सिर फट गया, जिससे वह बेहोश होकर वहीं गिर गई। आनन फानन में पीड़ित पक्ष भागकर थाने पर पहुंचा और गांव के ही शिवरतन पांडेय, विजय बहादुर, अतुल, राजेश, बछराज आदि के विरूद्ध तहरीर दी। घायल महिलाओं को मेडिकल के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में दोनों का इलाज चल रहा है, जहां एक महिला की स्थिति गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया गया है।

वीडियो : जब चटकी लाठियां 


      बताया जाता है कि इस गंभीर घटना की विवेचना मोतीगंज थाने के प्रशिक्षु एसआई सत्येंद्र वर्मा को दे दी गई, जिस पर पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वह दूसरे पक्ष से मिला हुआ है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाते हुए बताया कि विवेचक दरोगा सत्येंद्र वर्मा ने ही आरोपियों से मिलकर उनका भी एनसीआर दर्ज कराया है, जबकि उस पक्ष के किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं लगी है। पीड़ितों का कहना है कि इतनी गंभीर चोट लगने के बाद भी मोतीगंज पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धारा तरमीम करने में आनाकानी कर रही है। 






इस घटना के विवेचक पर यह भी आरोप है कि वह घटना में शामिल लोगों के साथ बैठकर चाय पीने पी रहा है। इससे दबंगों का मनोबल घटने के बजाय और बढ़ा हुआ है। मामूली विवाद से शुरू हुए इस खूनी संघर्ष के पूरे मामले में मोतीगंज थाना पुलिस ने खूब लीपापोती की और एसपी के निर्देश के बावजूद  मामूली धाराओं में ही मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब जिले के एसपी लल्लन सिंह ने कार्रवाई की बात कही है।
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