अमर जीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो। केंद्र व प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फेर रहें है जिम्मेदार अधिकारी वर्ष 2012 की बेस लाइन सर्वे के अनुसार ग्रामीण अंचल में बन रहे शौचालय को कागजों पूर्ण कर अयोध्या जनपद को खुले मे शौचमुक्त कर ओडीएफ मण्ड़लायुक्त के द्वारा घोषित करा दिया गया।
जबकि ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही बयां कर रही है गांव में बनने वाले शौचालय निर्माण आज भी अधड़ में लटक रहे है।और निर्माण कराया गया शौचालय भी मानक विहीन है ठेकेदारी प्रथा से बने इन शौचालयों में पीली ईंट घटिया किस्म के मसाले से गुमटी की चुनाई कराने के बाद फोटो अपलोड कर शासन की आंखों में धूल झोंकने का काम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के द्वारा किया गया है।
बता दें कि डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानन्द सभागार में विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत जिलाधिकारी, डॉ0 अनिल कुमार व आयुक्त, मनोज मिश्र की उपस्थिति में जनपद अयोध्या को बेसलाईन डाटा 2012 के आधार पर ‘‘खुले में शौच से मुक्त’’ (ओडीएफ) घोषित किया गया।
जनपद को ‘‘खुले में शौच से मुक्त’’ (ओडीएफ) घोषित किया गया है।(ओडीएफ) घोषित होने के दो दिन बाद क्राइम जंक्शन टीम ने जिले के रुदौली ब्लाक के खैरी,सरायं नासिर,सण्ड़री,पसैया,दफिया पुर,शुजागंज,पस्ता माफी,सिठौली, जखौली व जरायल कलां व मवई ब्लाक के रानीमऊ नगरा,रजनपुर सहित गांवो का स्थलीय निरीक्षण किया गया तो हकीकत कुछ और ही नजर आयी।
कही पर शौचालय की केवल दीवार खड़ी है तो कहीं पर शौचालय के दरवाजे टूटे हुए और कही पर घटिया ईंट से निर्माण कार्य शुरु मिला अधिकांश शौचालय बिना टैंक के फोटो अपलोड कर ओडीएफ घोषित कर दिया




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