अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर देश के सबसे 115 पिछड़े जनपदों में तथा प्रदेश के सबसे पिछले 8 जनपदों में एक है । इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे महत्वाकांक्षी जिले का दर्जा देते हुए जिले के संपूर्ण विकास की कमान नीति आयोग को सौंपी है । नीति आयोग ने जिले को स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पानी तथा बिजली सहित विभिन्न मामलों में विकसित करने के लिए नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की है ।
महत्वाकांक्षी जिलों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के पिछड़े सभी 8 जिलों जिनमें बलरामपुर प्रमुख है के उत्तरोत्तर विकास के लिए पहले ही निर्देश जारी कर चुके हैं । जिले के सर्वांगीण विकास के लिए बराबर समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही है । आज मुख्यमंत्री के सचिव मनीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर के विकास कार्यों का जायजा लिया ।
मुख्यमंत्री के सचिव मनीष चौहान ने स्वास्थ्य, शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग पर विशेष जोर दिया । शिक्षा विभाग की समीक्षा में उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिक्षा स्तर सुधारने के लिए अस्पष्ट निर्देश जारी किए । उन्होंने कहा कि जिले की शिक्षा स्तर काफी निम्न है जिसे सुधारने की विशेष आवश्यकता है । कोई भी विद्यालय बंद नहीं होना चाहिए तथा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को बराबरी का दर्जा दिया जाए ।
ऐसा ना हो कि शहरी क्षेत्र में अधिक अध्यापक तैनात रहें और ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापक कम हों यदि ऐसा पाया गया तो कड़ी कार्यवाही भी होगी । स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ घनश्याम सिंह को निर्देश दिया कि आम जनता को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाए । एम आर टीकाकरण अभियान को वृहद स्तर पर चला कर सभी बच्चों को टीकाकरण का लाभ दिया जाना चाहिए ।
भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत का लाभ अधिक से अधिक पात्रों को मिले इसके लिए जागरूकता अभियान वृहद स्तर पर चलाया जाए । संस्थागत डिलीवरी की संख्या भी बढ़ाए जाने की जरूरत है । भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों को मिले इसके लिए वृहद स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है । सभी पीएचसी तथा सीएससी को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निर्देश जारी किए गए हैं । बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने अस्पष्ट निर्देश दिया की आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित जांच किया जाए ।
जिन केंद्रों पर पौष्टिक आहार नियमानुसार वितरित नहीं किए जाते हैं वहां के केंद्र को तत्काल निरस्त करके दूसरी तैनाती की जानी चाहिए । जिला परियोजना अधिकारी को उन्होंने निर्देश दिया कि बड़े पैमाने पर मिल रही शिकायतों को देखते हुए तत्काल सुधार करें । समीक्षा बैठक के दौरान जिला अधिकारी कृष्णा करुणेश, मुख्य विकास अधिकारी कृतिका ज्योत्सना, एडीएम न्यायिक महेंद्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ल, डीडीओ गिरीश चंद्र पाठक व पीडी अनिल कुमार सिंह सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे ।



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