रमेश कुमार मिश्र
गोण्डा।तरबगंज शिक्षाक्षेत्र के मुरली पुरवा प्राथमिक विद्दालय के अध्यापको द्वारा बच्चो का भविष्य बर्बाद किया जारहा है।शिक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ती की जारही है।
जहाँ कक्षा 5के बच्चो को अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी नही पता है।और तो और प्रधानाध्यापक अरविन्द कुमार को भी राष्टगान के रचियता का नाम नही पता है।और स्कूल में पहुँचकर पान चबाते रहते है।ये वो अध्यापक है जिनको सरकार प्रति माह 40000 से 60000तक वेतन देती है।और शिक्षा के नाम करोड़ो खर्च करती है फिर भी सरकारी स्कूलों की स्थिति बद से बदतर होती जारही है।और बच्चो का भविष्य बरबाद हो रहा है।
देखिये गुरु जी का ज्ञान
बताते चले की सरकारी स्कूलो की असलियत पता करनी है तो ग्रामीण क्षेत्रो में प्राथमिक स्कूल देखे जहाँ ना बच्चे पढ़ रहे है ना अध्यापक पढ़ा रहे है।केवल कागज में खानापूर्ती करते है।सरकार के निर्देशो का खुले आम उल्घ्घन करते है।पान खाकर स्कूल की कुर्सी पर बैककर समय बिता रहे है।
क्या कहते है जिम्मेदार
खन्डशिक्षाधिकारी तरबगंज फोन रीसिव करना भी मुनासिब नही समझते।या यो कहे की अध्यापक के खिलाफ कोई शिकायत सुनना ही नही चाहते है।
वही बेसिक शिक्षाधिकारी गोण्डा को किसी भी स्कूल के बारे में कोई जानकारी ही नही है कौन क्या कर रहा है।
ये है योगी सरकार के वफादार अधिकारी जिनके बूते 2019के आम चुनाव का सपना देख रही है सरकार।
सब भगवान भरोषे चल रहा है किसी से कोई मतलब ही नही है।


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