इस साल कई अग्रणी महिला और पुरूष पहलवान ले रहे भाग
ए. आर. उस्मानी / मोहम्मद रियाजुद्दीन
नंदिनी नगर, गोण्डा। नंदिनी नगर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में शुक्रवार से 63 वीं पुरुष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप और 21वीं सीनियर राष्ट्रीय महिला कुश्ती चैम्पियनशिप का आगाज हो रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उदघाटन करेंगे।
कार्यक्रम की तैयारियों का आज आला अधिकारियों ने जायजा लिया। इस दौरान सांसद बृजभूषण शरण सिंह व विधायक प्रतीक भूषण सिंह मौजूद रहे। इस साल इस चैम्पियनशिप में कई अग्रणी महिला एवं पुरुष पहलवान हिस्सा ले रहे हैं। रेलवे का हमेशा से कुश्ती में दबदबा रहा है और वह मौजूदा राष्ट्रीय चैम्पियन भी है। ऐसे में यह देखना रोचक होगा कि इस साल रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) टीम दूसरी टीमों की चुनौती का किस तरह सामना करती है।
आरएसपीबी तीन वर्गों - पुरुष फ्री स्टाइल, ग्रीको रोमन और महिला फ्री स्टाइल में इस साल खिताब बचाने का प्रयास करेगा। आरएसपीबी और हरियाणा ने सबसे अधिक 48 - 48 पहलवान इस चैम्पियनशिप के लिए भेजे हैं।
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) प्रति राज्य के हिसाब से पर वर्ग में आठ पहलवानों को हिस्सा लेने की अनुमति देता है, लेकिन दिल्ली (फ्रीस्टाइल पुरुष), उत्तर प्रदेश (फ्रीस्टाइल महिला) तथा सर्विसेज (ग्रीको-रोमन) को भी डब्ल्यूएफआई के नए नियम से फायदा हुआ है और अब इन तीन टीमों ने इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में जिन वर्गों में पदक जीते थे, उनके लिए आठ अतिरिक्त खिलाड़ी भेजे हैं।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय चैम्पियनशिप का मकसद उभरते हुए पहलवानों को मौका देना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में दूसरी टीमों को अच्छा करने के लिए प्रेरित करने हेतु हमने टॉप-3 फिनिशर्स को अतिरिक्त एंट्री दी है। डब्ल्यूएफआई ने पहली बार प्लेअर कांट्रैक्ट की शुरुआत की है और यह 16 नवम्बर से लागू हो गया है। कुश्ती महासंघ प्रमुख ने हालांकि कहा कि औपचारिक घोषणा के दौरान ही कांट्रैक्ट हैंडलिंग लागू होगी।
कुश्ती के खेल के विकास को लेकर टाटा मोटर्स ने कहा कि हम सिर्फ वित्तीय सहायता के माध्यम से कुश्ती के खेल में स्थायित्व नहीं लाना चाहते, बल्कि हम इस खेल का प्रचार और प्रसार भी करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि यह खेल देश के कोने-कोने में पहुंचे, जिससे कि खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो।
महिला एवं पुरुष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप का समापन दो दिसम्बर को हो रहा है। इसमें 27 राज्यों और दो संस्थानों से 800 पहलवान और अधिकारी हिस्सा लेंगे। मौजूदा चैम्पियन आरएसपीबी एक बार फिर अपना जोर लगाते हुए तीन खिताब अपने नाम करना चाहेगी। आरएसपीबी के महिला एवं पुरुष पहलवानों को सबसे अधिक खतरा हरियाणा से है, क्योंकि बीते कुछ सालों में हरियाणा ने काफी तेजी से कई बेहतरीन पहलवान दिए हैं।
आरएसपीबी टीम की कमान एशियाई एवं राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली विनेश फोगाट (57 किग्रा) के हाथों में होगी, जबकि ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक (62 किग्रा) और एशियाई चैम्पियनशिप स्वर्ण पदक विजेता नवजोत कौर (68 किग्रा) इस टीम को मजबूती देती नजर आएंगी। हरियाणा को मौसम खत्री और गीता फोगाट जैसे दिग्गजों पर भरोसा होगा, जबकि सर्विसेज की टीम अपने श्रेष्ठ पहलवानों के बूते आरएसपीबी को चुनौती देती नजर आएगी।




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