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बोआई से पहले कराये खेत की मिट्टी जांच डा.अशोक कुमार सिंह


रिपोर्ट:सैय्यद सनाउद्दीन, इसौली सुल्तानपुर
 
इसौली,सुल्तानपुर।विकास खंड बल्दीराय क्षेत्र में मिट्टी जांच के नमूने लिए गयें ।गेहूँ की बुआई का समय चल रहा है कुछ  जागरूक किसान अपनी फसलों में कृषि वैज्ञानिकों की बताई गई उर्बरको को सही अनुपात में प्रयोग करते हैं तो कुछ किसान अपनी चला कर कही ज्यादा कहीं कम उर्बरको का उपयोग कर देता है जिससे किसान को नुकसान का सामना करना पड़ता हैं।इसी लिये सरकार ने बड़े पैमाने पर मिट्टी परीक्षण कार्य क्रम चलाने निर्णय लिया जिससे प्रत्येक किसानो की खेत की मिट्टी की जांच हो जाये।और किसान जाच के अधार ऊर्बरको का उपयोग करेगे।लेकिन बिभाग भ्रष्ट आधिकारियों के कागजों पर ही सीमित होकर रह गयीं।और किसानो को इसका लाभ न मिला यदि देश के कृषक अपनी खेत की मिट्टी की जांच कराना चाहते है तो आप स्वातः करा सकते है।

मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि:

नमूना लेने वाले स्थान को ऊपर से अच्छी तरह साफ कर ले खुरपी से ऊपरी सतह से हल चलने की गहराई 15 सेमी या 6 इंच तक वी ( v) आकार का गड्डा खोदे और मिट्टी की 2-3 सेमी 1इंच मोटी सामान्य परत परीक्षण के लिए उतार ले।
एक खेत से कम से कम पांच नमूना अवश्य लें।
लिया गया नमूने को किसी साफ। जगह पालीन पर अच्छी तरह मिला कर चार हिस्से में बाट कर एक हिस्से की मिट्टी रख ले।साथ ही नाम पता औऱ खेत का खसरा नम्बर या कोई पहचान इस मिट्टी के साथ रख दे।यह नमूना हर ब्लाक के राजकीय कृषि गोदाम प्रभारियो के माध्यम से या उपकृषि निदेशक कार्यालय मे अपना नमूना देकर रीपोर्ट ली जा सकती है।जो निशुल्क हैं राज्यकीय कृषि गोदाम के बी टी एम.संदीप कुमार पाठक ने बताया कि पिछले ही वर्ष से मिट्टी की जांच का कार्यक्रम चल रहा है जिस किसान के खेत का नमूना लिया गया था



उसकी रिपोर्ट सौप दी गयीं है औऱ इस वर्ष भी मिट्टी कानूना लिया जा रहा है इसी क्रम में ग्राम पंचायत नदौली मे कई किसानो की खेत की मिट्टी का नमूना लिया गया जिसमे प्रगतिशील किसान जमील अहमद का भरपूर  सहयोग प्रदान किया।गौर बरामऊ के प्रगतिशील किसान सोहेल आलम व कस्बा इसौली के अग्रणी किसान सगीर अहमद के साथ अनुभव  सेर किया। जांच  के. बी.के.ब्रासिन के प्रो.अशोक कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को अच्छा उत्पादन लेने के लिए मिट्टी की जांच कराकर सन्तुलित उर्बरको का प्रयोग करना चाहिए।जिससे कृषि उत्पादन अच्छे प्रणाम मिलते हैं।अधिक जानकारी के लिए उपकृषि निर्देशक शैलेन्द्र शाही ने बताया कि जीपीएस सिस्टम से  जिले भर में रोज सौ नमूने लिए जा रहे जिसका लैब्रोटरी अहिमाने सुल्तानपुर में परीक्षण कराया जा रहा है परीक्षण कर कैंम्प लगा कर किसानों को प्रर्माणपत् वितरत किया जायेगा  कहाँ कि मृर्दा संम्बंधित समस्याओं के लिए या मृर्दा जाचं के लिए सम्पर्क कर सकते है मेरा फोन न. 8808119878. कभी भी किसी समय बात की जा सकतीं है

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