अखिलेश्वर तिवारी
मीडिया के दखल के बाद घटना के दूसरे दिन दर्ज किया रेप की घटना का मुकदमा
बलरामपुर ।। केंद्र की मोदी सरकार तथा प्रदेश की योगी सरकार महिला सुरक्षा तथा महिलाओं पर बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने के लिए त्वरित न्याय दिलाने का दावा लगातार कर रही है । बाकायदा शासनादेश जारी कर पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया जा चुका है कि महिला अपराध के मामलों में संवेदनशीलता बढ़ती जाए तथा उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के लिए घटनाओं का मुकदमा पंजीकृत कर फौरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ।
इन सब के बावजूद बलरामपुर पुलिस सारे आदेशों को नजरअंदाज करते हुए दिख रही है । बलरामपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम जिगना में एक नाबालिक किशोरी के साथ उसी गांव के एक युवक द्वारा किए गए बलात्कार की घटना इस बात का ताजा उदाहरण है कि नगर पुलिस कितनी संवेदनशील महिला अपराधों को लेकर है ।
जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम जिगना में 29 /30 नवंबर की रात एक नाबालिक 16 वर्षीय बालिका के साथ उसी गांव के एक युवक ने उस समय जबरन बलात्कार किया जब वह शौच के लिए रात लगभग 9 बजे बाहर गई थी । पीड़िता की मां ने बताया कि उसके पति का स्वर्गवास 10 वर्ष पूर्व ही हो चुका है और वह अपने घर में अकेली कमाने वाली है ।
सरकारी स्कूल में खाना बनाकर किसी तरह अपना घर चला रही है । उसकी पुत्री भी उसके घरेलू कामकाज में हाथ बटाती है । 29 नवंबर की शाम उसका पेट खराब था और वह लगभग 9 बजे घर से बाहर शौच के लिए गई थी । गांव से बाहर घर बनाए हुए रह रहे जगत राम यादव ने उनकी पुत्री को जबरन गन्ने के खेत में घसीट कर उसके साथ दुष्कर्म किया ।
उसके चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता ने आकर घर पर सारी बात बताई जिसके बाद रात में ही आरोपी जगत राम के घर शिकायत लेकर गई तो उन लोगों ने मारने पीटने की धमकी देकर भगा दिया । अगले दिन 30 नवंबर की सुबह अपने कुछ सगे संबंधियों के साथ पीड़िता को लेकर उसकी मां कोतवाली नगर पहुंची जहां पर पूरा दिन उसे बिठाए रखा गया ।
पुलिस वाले टालमटोल करते रहे परंतु किसी ने रिपोर्ट लिखने की हिमाकत नहीं की । किसी शुभचिंतक द्वारा घटना की सूचना मीडिया को दी गई जिसके बाद नगर कोतवाली में पत्रकारों के पहुंचने के बाद नगर पुलिस हरकत में आई और पीड़िता से पूछताछ शुरू की तथा तहरीर की मांग की । बात करने पर बताया गया कि प्रभारी निरीक्षक पुलिस अधीक्षक की मीटिंग में गए हुए हैं उनके आते ही रिपोर्ट दर्ज करा दिया जाएगा ।
प्रभारी निरीक्षक राम आश्रय राय ने फोन पर बताया कि सर्वर खराब है इसलिए अगले दिन मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराई जाएगी । मीडिया के दबाव में एक दिसंबर को उचित धाराओं में पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया परंतु अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है । पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पुलिस सुनिश्चित करेगी । कहीं ना कहीं यह पूरी घटना पुलिसिया कार्यशैली की दास्तां बयां कर रही है । यह बताने की जरूरत नहीं है की बलरामपुर पुलिस महिला अपराधों के लिए किस प्रकार असंवेदनशील बन चुकी है ।


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