वासुदेव यादव
अयोध्या । विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी अयोध्या के प्रसिद्ध सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन पद पर सागरिया पट्टी के महंत प्रेमदास महराज जिसकी घोषणा हनुमानगढ़ी के चारों पट्टियों के महंत व संत ने की। इस दौरान हनुमानगढ़ी परिसर में कड़ी सुरक्षा बल मौजूद रहे।
विदित हो कि अयोध्या का प्रसिद्ध मंदिर हनुमानगढ़ी है। आज भी यहां की पूरी व्यवस्थाएं पंचायती है। इस मंदिर की देख रेख के लिए पंचायती व्यवस्था के तहत गद्दीनशीन का चुनाव होता है । पूर्व में रहे गद्दीनशीन महंत रमेश दास के निधन के बाद यह पद रिक्त हो गया। इस बार कई वर्षों के बाद हुए इस चुनाव में सागरिया पट्टी से गद्दीनशीन को चुनाव कर महंत प्रेमदास को गद्दीनशीन बनाया गया।
इस दौरान हनुमानगढ़ी के उज्जैनिया पट्टी, सागरिया पट्टी,बसंतिया पट्टी और हरद्वारी पट्टी के महंत व नागा संत मौजूद रहे ।
निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत धर्म दास महराज ने बताया कि आज हनुमानगढ़ी मंदिर के गद्दी नशीन पर यहां के पुरानी परंपरा के अनुसार पंचायती अखाड़ा के तहत प्रेमदास महराज को बनाया गया। पंचायती व्यवस्था के अंतर्गत जिस पट्टी के महंत को गद्दीनशीन चुनाव होना होता है। उस पट्टी के कोई भी संत व महंत चुनाव में भाग नहीं ले सकते और आज प्रेमदास को अन्य तीनों पट्टियों के लोगों ने चुनकर गद्दी पर बैठाया है। आज से हनुमानगढ़ी का पूरा लेखा-जोखा व देख रेख गद्दीनशीन महंत प्रेमदास करेंगे।
वही महंत गौरी शंकर दास महराज ने बताया कि अयोध्या में हनुमानगढ़ी का पद बहुत ही महत्वपूर्ण पद है और दिवंगत रमेश दास महराज जो कि पूर्व में गद्दीनशीन थे। जिन के बाद यह पद खाली हो गया। लेकिन अत्यधिक दिनों तक इस पद को खाली नहीं रखा जा सकता था। इसलिए आज सबकी सहमति से ही सागरिया पट्टी के महंत प्रेमदास को गद्दीनशीन का पद दिया गया है।
हनुमानगढ़ी की गद्दी नशीन पद पर आसीन हुए प्रेमदास ने कहा कि आज भगवान हनुमान जी महाराज की विशेष कृपा तथा चारों पट्टियों के महंत के और सरपंचों के कृपा से गद्दी नशीन पद पर विराजमान हुआ हूं तथा कहा कि इस पद पर विराजमान होते हुए हनुमानगढ़ी पर आए अभी भक्तो सन्त महन्त भक्त शिष्य व गरीबों की सहायता। अनाथों की सहायता और जो हनुमानगढ़ी के परंपरा के अनुसार सही कार्य होने हैं। वह सभी कार्य नियमता पूर्वक किया जाएगा।
इस दौरान पुजारी रमेशदास, पुजारी राजू दास, मनीराम दास, अनिरूद्ध दास, राज कमल दास, महन्त सन्तोष दास सहित हजारो की संख्या में सन्त महन्त भक्त शिष्य गण आदि शामिल रहे व नवनियुक्त गद्दीनशीन महन्त प्रेमदास जी महाराज का माला पहनाकर स्वागत व आशीर्वाद प्राप्त किये।
इस दौरान मन्दिर परिसर में हर्ष का माहौल रहा व सभी सन्त महन्त शिष्य भक्त ने हर्ष जताये।


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