गुजरात के वड़ोदरा स्थित स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के गोत्री शाखा में तैनात शाखा प्रबन्धक राजीव रंजन सभी बैंक कर्मिओ के लिए एक मिसाल है ! बिहार के पूर्णिया जिले से ताल्लुख रखने वाले राजीव रंजन स्कूल के दिनों से ही मेधावी थे !
नवोदय विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर के उन्होंने बिहार से ही परास्नातक तक की पढाई की ! अपने कैरिअर की शुरुवात करने से पहले ही उन्होंने १४ अलग अलग बैंको के लिए क्वालीफाई किया था, फिर भी उन्होंने एल आय सी के पी ओ के तौर पर कैरियर की शुरुवात की ! उनका लक्ष्य कुछ और था इसलिए उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को २००८ में ज्वाइन किया और उनके कार्यप्रणाली और प्रतिभा को देखते हुए बहुत जल्द ही वह बैंक के शाखा प्रबन्धक पद पर पहुच गये !
![]() |
| प्रशस्ति पत्र |
छह वर्ष तक गुजरात के सूरत जिले में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के मैनेजर के तौर पर शानदार प्रदर्शन के बाद वडोदरा की गोत्री ब्रांच में उन्हें २०१७ में स्थानांतरित कर दिया गया !
उनके द्वारा उत्र्कृष्ट कार्य करने हेतु अब तक करीब ४३ प्रशस्ति पत्र उन्हें मिल चुका है जो यह बयां करता है की उनकी प्रतिभा का कोई सानी नहीं है !
रात्रि के दस बजे तक काम करने वाले राजीव रंजन की व्यवहार कुशलता का आलम यह है की ग्राहक बैंक में किसी काम से भले आये लेकिन उनकी कुशल क्षेम पूछने उनके केबिन तक जरुर जाता है और वह उन्हें हमेशा सही सलाह भी देते है ! वह कहते है की जब तक वह पूरे दिन का काम पूरा करके संतुष्ट नहीं हो जाते तब तक उनको चैन नहीं आता है इसलिए वह देर रात तक रुक कर भी काम करते है !
बैंक के अन्य कर्मियों के लिए वह एक मिसाल है जो अपनी जबाब दारी के प्रति इतनी सजगता से कार्य का निष्पादन कर रहे है जो निश्चय ही अन्य बैंक कर्मियों के लिए प्रेरणा का विषय है !
संतोष तिवारी
जर्नालिस्ट वड़ोदरा गुजरत



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ