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20दिनो से किसान का धान गोदाम में पड़ा तौल का कर रहा इन्तजार,गोदामप्रभारी ने तौल से किया इन्कार









रमेश कुमार मिश्र
 गोण्डा।किसान की हितैषी योगी सरकार की असलियत खुलकर सामने आरही है।जहाँ किसानो का धान लेने से गोदाम प्रभारी इन्कार कर रहे है।और किसान बिचौलिए के हाथ धान बेचने को औने पौने दाम में मजबूर है।राज्य की योगी सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार किसान के उपज को दुगना करने की डींगे मार रही है।कहती है की हम किसानो के सच्चे साथी है।और किसान की उपज बिचौलिए के हाथ ना जाकर सीधे सरकार अपने हाथो में लेकर दाम दुगना करेगी और किसान को आत्मनिर्भर बनायेगी।लेकिन हकीकत कुछ और ही बया कर रही है।







किसी तरह से रात दिन एक करके छुटटा जानवर से बचाकर पैदा किए धान को बेचना मुस्किल हो गया है।जब किसान धान लेकर सरकारी तौल केन्द्र पर जाते है तो उनको वापस कर दिया जाता है।तौल प्रभारी कहते है की हम धान नही ले पायेगे।सरकार के तरफ से कोई आदेश नही है क्या करेगे हमे अपने घर में नही रखना है।जिससे परेशान किसान औने पौने दाम पर बिचौलिए को धान देने पर मजबूर हो गये है।अगर धान नही बिकेगा तो गेहूँ की बुआई नही हो पायेगी।ये है हकीकत योगी सरकार के किसानो की उपज को दुगुना करने वाले ब्यान का।जिसका इन्तजार कर रहे है किसान आम चुनाव का।





बताते चले की तरबगंज ब्लाक में लगा धान तौल केन्द्र पर धान की खरीदारी नही हो रही है।तौल ठप्प है।क्षेत्र के जो किसान धान लेकल तौल केन्द्र पर जाते है तो उनको बता दिया जाता है की तौल नही हो सकती वापस लेकर जावो अपना धान जब तौल होगी तो बतायेगे।जिससे परेशान किसान पिछड़ रही गेहूँ की बुआई ना हो पाने से धान बिचौलिए के हाथ औने पौने दाम में देने को मजबूर हो गये है।जिससे गेहूँ की बुआई की जासके।

तौल की कहानी किसानो की जुबानी।
धान की तौल ना होने से परेशान तरबगंज क्षेत्र के ग्राम खजुरी निवासी रविसिंह बताते है।की साहब नवम्बर के लास्ट हप्ते में धान लेकर तौल केन्द्र पर पहुँचे तो तौल केन्द्र प्रभारी शैलेष सिंह ने कहा की धान नही लेगे ले जावो अपने घर वापस।जब कहा की एक बार लेकर आये है साहब यही गोदाम में रखवा लीजिए जब तौल होगी तब तौल करवा देना।गेहूँ बोने में देरी होरही है।किसी तरह मान मनौवल करने पर धान गोदाम में रखवा लिए।जो लगभग 20दिन हो गये लेकिन आजतक नातो कोई फोन आया नाही धान की तौल की गयी।जब तौल केन्द्र पर जाते है तो तौल प्रभारी कहते है।की तौल हो नही पायेगी ले जावो धान अपने घर।अगर तौल करवानी है तो 20कु.धान को 18कु. मानो और ऊपर से 30रू.कु.देना पड़ेगा।ये तो बानगी भर है क्षेत्र के सैकड़ो किसान मारे मारे फिर रहे है और धान नही बिक रहा है।जिससे गेहूँ की बुआई पिछड़ रही है और किसान चिंतित है।इस तरह परेशान किसान आम चुनाव का इन्तजार कर रहे है।







क्या कहते है जिम्मेदार।
गोदाम प्रभारी शैलेष सिंह कभी भी फोन रीसिव नही करते ज्यादातर फोन बन्द करके रखते है।मौके पर पहुँचने पर बताते है की सरकार लेही नही रही है तो हम क्या करे।जब कोई आदेश आयेगा तब तौल की जायेगी।जाकर डीएम से पूछो क्यो नही लिया जाता है।
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