सुनील उपाध्याय
बस्ती :जीवन प्रयत्न किसान हितों के चिंतक जय जवान जय किसान के पोषक किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की 116वीं जयंती क्षेत्र के एस.डी. चिल्ड्रेन एकेडमी सहरायें में धूमधाम से मनाया गया चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चन्द्रमणि पाण्डेय ने चौधरी चरण सिंह के जीवन पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि चौधरी साहब देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्होंने भले ही सदन का सामना नहीं किया किंतु गांव गरीब और किसान हितों को लेकर वे आज भी देश में किसान मसीहा के रूप में जाने जाते हैं
23 दिसंबर उन्नीस सौ दो में एक सामान्य परिवार में जन्मे चरण सिंह जी का लगाव बचपन से ही गांवों किसानों से रहा अंग्रेजी हुकूमत में भी अपनी लोकप्रियता के चलते 1937 में ना केवल वह विधानसभा के लिए चुने गए अपित किसान हितों में ब्रिटिश हुकूमत की संयुक्त सरकार में 1938 में कृषि उत्पाद बाजार विधेयक पास कराया आजादी के बाद में 1954 में भूमि संरक्षण अधिनियम लागू किया जिससे वह एक जन नेता के रूप में लोकप्रिय हुए 3 अप्रैल1967 को देश के सबसे बड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने मुख्यमंत्री काल में उन्होंने6 रूपया 24 पैसे प्रति कुंतल बिकने वाले गन्ने का मूल्य 12रूपया74पैसा प्रति कुंतल कर दिया मोरारजी देसाई की सरकार में उन्होंने गांव के विकास हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना की |
28 जुलाई 1989 में वे कांग्रेस के सहयोग से प्रधानमंत्री भी बने किंतु इमरजेंसी के दौरान संजय गांधी और इंदिरा गांधी पर दर्ज केस को वापस लेने को राजी नहीं हुए फलतः बहुमत सिद्ध करने के 1 दिन पूर्व ही 19 अगस्त को ही कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस ले लिया किंतु चौधरी साहब अपने सिद्धांतों व किसान हितों से कभी समझौता नहीं किया उन्होंने सत्ता को धूल समान समझा उनके जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि हमें सत्ता स्वार्थ में सिद्धांत विहीन समझौता या गठजोड़ नहीं करना चाहिए हमें सत्ता हित के बजाय जनहित में कार्य करना चाहिए |
इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य उमानाथ द्विवेदी उप प्रधानाचार्य सुधा पांडे वरिष्ट शिक्षिका निष्ठा सिंह राम किशोर पटेल सन्तोष पाठक आशुतोष पांडे हनुमान बर्मा बृजेशयादव दीपक त्रिपाठी प्रिंस सिंह पंकज पांडे हौसिला प्रसाद पांडे सुनील पांडे अखिलेश बर्मा सभाजीत चौधरी श्याम बिहारी वर्मा के अलावा स्कूली छात्राएं व अभिभावक मौजूद रहे


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ