पकड़ो पकड़ो की आवाज से जिला अस्पताल में मची भगदड़
काफी मशक्कत के बाद बच्चों के सहयोग से दबोचा गया भगोड़ा
मोतीगंज थाना क्षेत्र के पड़ैनिया का रहने वाला है घनश्याम
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। जिला चिकित्सालय के आकस्मिक कक्ष के बाहर रविवार की दोपहर उस समय भगदड़ मच गयी जब एक सिपाही व होमगार्ड चिकित्सालय के बाहर पकड़ो पकड़ो का शोर मचाते हुए बदहवास दौड़ने लगे। लोगों को पहले तो कुछ समझ में ही नहीं आया कि मामला क्या है, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा भी जब शोर मचाया जाने लगा तब लोगों की समझ में आया कि पुलिस की अभिरक्षा से कोई आरोपी फरार हो गया है। उसी को पकड़ने के लिए पुलिस चिल्लाते हुए भाग रही है।
मामला जिला चिकित्सालय के आपातकालीन कक्ष का है। बताया जाता है कि यहां थाना मोतीगंज पुलिस द्वारा एनडीपीएस का एक आरेपी चिकित्सीय परीक्षण के लिए लाया गया था, जो कि पुलिस अभिरक्षा में हथकड़ी से हाथ निकाल कर फरार हो गया। उसे लेकर आए पुलिस वाले जब तक कुछ समझते आरोपी चिकित्सालय के बाहर तक जा चुका था। अचानक उसके भाग खड़े होने से सिपाही और होमगार्ड के पैरों तले जमीन खिसक गई। वे पकड़ो पकड़ो का शोर मचाते हुए अस्पताल के मेन गेट की ओर दौड़ पड़े। पुलिस को शोर मचाते हुए भागते देखकर लोग पहले तो सकते में आ गये, लेकिन फिर जब चिकित्सालय कर्मियों ने भी पकड़ो पकड़ो का शोर मचाना शुरू किया, तब लोगों की समझ में आ गया कि कोई आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो चुका है। एनडीपीएस आरोपी के फरार होने की घटना से पुलिस वालों के हाथ पांव फूल गये। आनन फानन में भागते हुए आरोपी को चिकित्सालय के बगल की ओर बसे छेदीपुरवा के खेतों से वहां खेल रहे बच्चों के सहयोग से किसी तरह दबोचा जा सका।
दरअसल, जिले के थाना मोतीगंज के पड़ैनिया कौरहे निवासी घनश्याम पुत्र मंगल प्रसाद के पास से गांजा बरामद दिखाकर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को जेल भेजा जाना था, जिसे मोतीगंज थाने के सिपाही राहुल यादव व एक होमगार्ड द्वारा चिकित्सीय परीक्षा के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया था। मेडिकल होने से पहले ही आरोपी हथकड़ी ढीली होने का लाभ उठाते हुए हाथ निकाल कर भाग खड़ा हुआ। नाम पुकारे जाने पर जब सिपाहियों ने घूम कर देखा तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गयी। बाहर निगाह दौड़ाने पर आरोपी घनश्याम भागता दिखाई पडा, जिसे आधे घंटे तक कड़ी मेहनत के बाद छेदीपुरवा स्थित खेत से बच्चों के सहयोग से पकड़ा जा सका।
अभिरक्षा में लगे सिपाही व होमगार्ड की इस घटना से अचानक तबीयत खराब हो गयी। सिपाही राहुल यादव जहां हायपर टेंशन का शिकार हो गया, वहीं होमगार्ड आरोपी को पकड़ने में कटीले तारों से घायल भी हो गया। आरोपी के पकड़े जाने पर दोनों ने राहत की सांस ली और तबीयत भी ठीक हो गई।


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