नन्दिनी नगर डिग्री कॉलेज ऑफ फार्मेसी के लेक्चरर मोहम्मद फहीम का शोध लंदन से प्रकाशित
मोहम्मद रियाजुद्दीन
नवाबगंज, गोण्डा। मनुष्य को अपने आहार में फल का अधिक सेवन करना चाहिए। फलों में केले को अवश्य शामिल करें। एक केला प्रति दिन खाना चाहिए, क्योंकि केले में बीमारियों की रोकथाम के साथ सूक्ष्म जीवाणुओं से लड़ने की प्रचुर मात्रा में क्षमता होती है। साथ ही अल्सर, कैंसर, लीवर, सुगर जैसी घातक बीमारियों से भी लड़ने में बहुत ही लाभदायक है।
जिले के नवाबगंज के मोहल्ला कहरान निवासी लेक्चरर मोहम्मद फहीम ने अपने पीएचडी कोर्स में मिले केले पर शोध समूचे भारत वर्ष के 5 प्रदेशों के 6 प्रजाति के केलों के नमूने लेकर जून 2015 से नन्दिनी नगर डिग्री कालेज आफ फार्मेसी में जामिया हमदर्द (दिल्ली) के प्रोफेसर डॉक्टर सईद अहमद के मार्गदर्शन में शुरू किया है।
रिसर्च में केले के गूदे में 199 यौगिक प्राप्त हुए। शोध में केले के गूदे से निकलने वाले खुशबूदार तेल में अल्फा थूजेन, गामा टरपीनीन, बीटा माइरिसिन, बीटा पाईनीन, लीमोनीन जैसे महत्वपूर्ण यौगिक मिले हैं जो क्रमशः बीमारियों की रोकथाम, सूक्ष्म जीवाणुओं को मारने की क्षमता, एन्टी अल्सर, एन्टी कैन्सर, जीवाणु जनित बीमारी के उन्मूलन में काम आ सकती हैंं। लेक्चरर मोहम्मद फहीम का यह शोध जामिया हमदर्द (दिल्ली) प्रोफेसर डॉक्टर सईद अहमद की प्रयोगशाला में दिसंबर 2018 में सम्पूर्ण हुआ।
नन्दिनी नगर डिग्री कालेज आफ फार्मेसी के लेक्चरर मोहम्मद फहीम के निर्णायक और लाभदायक शोध को लन्दन से प्रकाशित विश्व की प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिका फाइटो केमिकल एनालिसिस (वेले) ने अपने 4 जनवरी 2019 के अंक मे प्रकाशित किया है जिसका इंपैक्ट फैकटर 2 दशमलव 337 है, जो मोहम्मद फहीम के लिए गर्व की बात है।
यह उपलब्धि खेल और शिक्षा जगत में विश्व ख्याति प्राप्त कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह के विशेष सहयोग और प्रोत्साहन से सम्भव हुआ है। लेक्चरर मोहम्मद फहीम के सफल शोध पर उनके सहयोगी मोहम्मद इब्राहिम, सुल्तान जहीरूददीन, बीरेंद्र श्रीवास्तव, एके श्रीवास्तव, वसीम खान, राबिया परवीन, अनूप कुमार पाठक, दीपक सिंह, पवन कुमार गुप्ता, मोनिका सिंह ने हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।



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