सुनील उपाध्याय
बस्ती :पहली बार शुरू हो रहे बस्ती महोत्सव का बीजेपी विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने बहिष्कार कर दिया है ।जारी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक ने लिखा किबस्ती महोत्सव को लेकर मुझे कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। लेकिन मेरे द्वारा पूर्व में सरकार के ऐसे कार्यक्रमो से किनारा किया गया है। हमारा प्रयास जनता के प्रति सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं, आमजनमानस के मूलभूत समस्याओं के निराकरण एवं शासन सत्ता की छवि प्रखर रूप से जनता के समक्ष रखना प्रथम प्राथमिकताओं में है। इन्ही प्राथमिकताओं को दृष्टिगत रखते हुए निम्न कारणो से अपने आपको अलग रखता हूँ।
जनसमस्या को दृष्टिगत देखते हुए हमारी मुख्य मांगे निम्न है-
1. बस्ती जिले का नाम साहित्य के क्षेत्र में रोशन करने वाले लेखक आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की प्रतिमा बड़ेबन चैराहे से हटाकर खेत में फेकी गयी है। जिसे बड़ेबन चैराहे पर स्थापित कराने के लिए कई बार पत्राचार किया गया। परन्तु आजतक बड़ेबन चैराहे पर प्रतिमा स्थापित नही करायी गयी।
2. शुगर मिल रूधौली व वाल्टरगंज (गोविन्दनगर) पर किसानो का लगभग 90 करोड़ गन्ना मूल्य भुगतान वर्ष 2017-18 का बकाया है। नये पेराई सत्र 2018-19 में किसानो का गन्ना मूल्य भुगतान नही हो रहा है। जबकि मिल को चले हुए 50 दिन से ज्यादा हो गया है। जबकि किसानों के परिवार का भरण पोषण शादी विवाह शिक्षा आदि गन्ने की खेती पर ही निर्भर है। किसान बेहद कठिनाईयों का सामना कर रहा है।
3. गन्ना किसान पर्ची के लिए भी परेशान है क्योकि पर्ची पर समयावधि 5 दिन होने के कारण गन्ना केन्द्र य मिल गेट पर अगर नही पहुचा पाया तो पर्ची का सप्लाई टिकट नम्बर निरस्त हो जाता है। पुनः सप्लाई टिकट नम्बर रिसेन्ट कराने के लिए समिति व मिल का चक्कर लगाकर किसानो को दर-दर भटकना पड़ता है।
4. जनपद में धान क्रय केन्द्र खुले हुए है। किसानो का धान न खरीद कर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आढतियों के मिली भगत से विचैलियों का धान खरीदकर किसानो को वाजिब मूल्य न देते हुए शोषण कर रहे है। जबकि सरकार किसानो की आमदनी दो गुनी करने के वादे को अधिकारी, कर्मचारी व बिचैलिये मिलकर पलीता लगा रहे है।
5. बस्ती महोत्सव को लेकर समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है कि संबंधित विभागो के अधिकारी व कर्मचारी बड़े पैमाने पर व्यापारियों से वसूली किये जाने का आरोप है। इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। आयोजन समिति के लोगो को इस पर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए।
अतः ऐसे में पूर्व सरकार में किये गये ऐसे आयोजन से मै अपने आपको पृथक रखा था और आज भी जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर न हो पाने के कारण बस्ती महोत्सव से अलग रहकर महोत्सव की सफलता के लिए आपको शुभकामनांए देता है।


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