ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। गुरूवार को डीएम प्रभान्शु श्रीवास्तव ने तहसील सदर कार्यालय व परिसर का निरीक्षण किया तथा मिलीं खामियों को तत्काल दुरूस्त करने के निर्देश दिए। तहसील में पहुंचकर एक-एक पटल व अनुभाग का गहन निरीक्षण किया। सबसे पहले डीएम, एसडीएम सदर की कोर्ट पर पहुंचे और मिसिलबन्द रजिस्टर का निरीक्षण किया।
इसके बाद ग्राम पथवलिया मालिकान रजिस्टर चेक किया। रजिस्टर में रेगुलर इन्ट्री करते रहने के निर्देश दिए। लम्बित वादों के बारे में पूछा तो ज्ञात हुआ कि तहसील सदर में 464 मामले धारा 107/16 के तहत लम्बित पाए गए, वहीं धारा 145 के 80 प्रकरण लम्बित मिले।
डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि लम्बित मामले जल्द से जल्द निपटाएं। इसके अलावा डीएम ने गार्ड फाइल, एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलादारों की पत्रावलियों, मजिस्ट्रेटों के कोर्ट पर लम्बित तीन-तीन फाइलें, बार कोडिंग, वसूली, अधिष्ठान, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों की अद्यतन स्थिति व सूची, नकल, तीन बड़े बकायादारों के नाम व उनसे वसूली की स्थिति, आॅडिट आपत्तियों, आवंटन, नकल की लाॅग बुक, नियोक्ता प्रभार, पूरे वर्ष में निर्गत खतौनियों की संख्या व उसके सापेक्ष जमा की गई धनराशि का मिलान, आइजीआरएस, न्यायालयों पर एक वर्ष में निस्तारित वादों की संख्या व लम्बित कुल वाद, संग्रह अनुभाग, रजिस्ट्री कार्यालय, कम्प्यूटरीकृत खतौनी कक्ष, फीडिंग कक्ष, एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट, आशुलिपिक कक्ष, सप्लाई आफिस, नजारत, ई-डिस्ट्रक्ट सेल आदि का निरीक्षण किया।
अभिलेखागार के निरीक्षण में अभिलेख के बन्डलों पर गोसवारा दर्ज पाया गया। खतौनियों का निरीक्षण करने के दौरान डीएम ने विगत एक वर्ष में कुल निर्गत खतौनियों की संख्या व उसके सापेक्ष राजस्व का ब्यौरा तलब किया है। इसके साथ ही अमीनों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष की गई वसूली का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत डाटा फीडिंग कार्य का भी निरीक्षण कर युद्धस्तर पर डाटा कलेक्शन व फीडिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर एसएन त्रिपाठी, नायब तहसीलदार सत्यपाल प्रसाद तथा तहसील के कर्मचारी मुकेश सिंह, अमित सोनी, धर्मेन्द्र व अन्य उपस्थित रहे।


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