अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर देश के सबसे पिछड़े 115 तथा प्रदेश के सबसे पहले 8 जनपदों में से एक है और इसके विकास जिम्मेदारी नीति आयोग को सौंपा गया है । नीति आयोग सदस्य अरविन्द कुमार द्वारा आज नीति आयोग से संबन्धित अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद की जमीनी हकीकत जानी गई। उन्होंने जनपद का नीति आयोग के विभिन्न मानकों पर पीछे रहने का कारण अधिकारियों से जाना ।
डा0 अरविन्द कुमार ने बताया कि वह इण्डिया वाटर फाउण्डेशन के संस्थापक व अध्यक्ष है तथा विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े हुये है । इण्डिया वाटर फाउण्डेशन कई राज्यों में बेहतरीन कार्य कर रहा है । इस संस्था को मेघालय व सिक्किम में बेहतरीन कार्य हेतु विभिन्न पुरस्कार भी दिया जा चुका है । डा0 अरविन्द कुमार ने जनपदीय अधिकारियों से कहा कि जनपद बलरामपुर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि आदि क्षेत्र में पिछड़ा होने के कारण नीति आयोग द्वारा महत्वाकांक्षी जनपद में शामिल है । उन्होने कहा कि इन क्षेत्रों में विकास करने के लिए जरूरी है कि सरकारी तंत्र के अतिरिक्त अन्य संस्थाएं भी इन क्षेत्रों में कार्य करें ।
उन्होंने जनपदीय अधिकारियों से कहा कि सभी विभिन्न मानको पर पीछे होने का कारण का पता कर उन्हें बताएं, जिसका हल मिलजुल कर निकाला जा सकें । नीति आयोग से जुड़े विभाग अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तियों, स्वयं सेवी संस्थाओं को पुरस्कृत करने का भी कार्य करें । योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार व ब्रांण्डिंग करें, जिससे कि अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ लें सकें । विभिन्न विभागों के अधिकारी विकास कार्य में प्राइवेट संस्थाओं व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग अवश्य लें, जिससे कि विभिन्न मानकों में जनपद कों आगे लाया जा सेक । बैठक में डीडीओ गिरीश चन्द पाठक, पीडी अनिल कुमार सिंह, डीसी मनरेगा महेन्द्र नाथ, डीएसटीओ ओंकार नाथ सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिहर प्रसाद, डीएसओ बृजेश सिंह, एक्सईएन जलनिगम, विद्युत, जिला कार्यक्रम अधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।


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