ए. आर. उस्मानी/ रियाजुद्दीन
गोण्डा। उर्स एकता कमेटी नवाबगंज द्वारा कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सैनिकों पर हुए हमले के विरोध मे विशाल विरोध जुलूस निकाला गया, जिसमें नगर के सभी सामाजिक, गैर सामाजिक संगठनों के साथ ही विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, नागरिकों तथा बुुद्धिजीवियों नेे शामिल होकर अपने अपने प्रतिष्ठानों को बंद करके आक्रोश जताया। लोगों ने जुलूस में शामिल होकर पड़ोसी देश की कायरतापूर्ण कार्रवाई की भर्त्सना की। इस दौरान पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला फूंका गया।
जुलूस को संबोधित करते हुए नवाबगंज नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का सहारा लेकर हमें डराना चाहता है, जो उसकी बहुत बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि शहीदों के एक एक बूंद खून का बदला हिंदुस्तान पाकिस्तान से लेकर रहेगा। चेयरमैन ने पाकिस्तान के पागलपन और कायरतापूर्ण कार्रवाई की कठोर निंदा की। जुलूस को नवाबगंज के सुन्नी जामा मस्जिद के शाही इमाम कारी मोहम्मद शरीफ ने संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम किसी भी सूरत में आतंकवाद और जुल्मों सितम को बर्दाश्त नहीं करता।
मुसलमान कभी आतंकवादी नहीं हो सकता और जो आतंकवादी है वह मुसलमान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान अमन का गुलशन है। यहां दहशत की कोई जगह नहीं है। इसलिए हुकूमते हिंद से मेरा मुतालबा है कि दहशतगर्दों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जुलूस को उर्स एकता कमेटी के सरपरस्त डॉ. सैयद हाफिज अली ने संबोधित करते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद की कठोर शब्दों में निंदा की। वरिष्ठ समाजसेवी नबी बक्स कादरी ने कहा कि हम अपने शहीदों के कातिलों को कभी भी माफ नहीं करेंगे। मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि पाकिस्तान और शहीदों के कातिलों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। इस अवसर पर नवाबगंज के हजारों लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गांधी चौक पर पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद के गगनचुंबी नारों के साथ पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला आग के हवाले किया।
इस मौके पर शाबान अली हनफी, मोहम्मद इब्राहीम, महेंद्र कश्यप, रिंकू बाबा, मोहम्मद वसीम इंजीनियर, गुड्डू, पंकज गुप्ता, मोहम्मद फारूक राइन, निसार खान, अनवर मोहम्मद अंसारी, मोहम्मद इरशाद बाबू खान सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।



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