यूपी की सभी लोकसभा सीटों पर तैयारी कर रहा अपना दल
ए. आर. उस्मानी/ संजय यादव
गोण्डा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जिलों में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों की तैनाती पर सवाल उठाए हैं।
आज यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि इन पदों पर तैनाती के समय सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण करने एक दिवसीय दौरे पर बुधवार को गोण्डा पहुंचीं राज्य मंत्री ने कहा, 'अधिकारियों की तैनाती करते समय सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा जाना चाहिए। जैसे डीएम सामान्य वर्ग का हो तो एसपी दलित वर्ग का।' उन्होंने कहा कि अपना दल राज्य की सभी सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रही है। अधिकांश सीटों पर पार्टी मजबूत स्थिति में है, किन्तु भाजपा से गठबंधन के कारण सीटों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं कर सकती। भाजपा को चेतावनी देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने अपनी बात भाजपा के सामने रख दी है। मांगें न मानी गईं तो मंथन होगा और अपना दल स्वतंत्र होकर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि हम बहुत अच्छे सहयोगी की तरह रहे हैं। इससे ज्यादा अच्छे नहीं हो सकते।
दरअसल, अपना दल की मांगें हैं कि सरकारी वकीलों की नियुक्तियां व पिछड़ा-महिला आयोग में भी उनके लोगों की भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण के मुद्दे पर सबका साथ मिला और इसे कानून का रूप दिया जा सका। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को 27 फीसद आरक्षण को अब 56 फीसद आबादी के हिसाब से होना चाहिए। अनुप्रिया ने दावा किया कि उनकी गठबंधन की सरकार से अधिक किसी और सरकार में गन्ना किसानों के मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा-शिवसेना के गठबंधन से विपक्षी घबराए हुए हैं।
जम्मू कश्मीर में बड़ी संख्या में सेना में भर्ती के लिए शामिल कश्मीरी युवकों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर के नौजवान बदलाव चाहते हैं। हमारी सरकार उनको मौका दे रही है। कश्मीर को बदलना चाहती है। वहां की परिस्थितियों को सुधारना चाहती है। वहां के नौजवानों में आकांक्षा है। लोग उस तरह का कश्मीर नहीं चाहते हैं जो पिछले कई वर्षों में रहा है। लोग एक नया कश्मीर चाहते हैं। वहां के नौजवान सेना में भर्ती हो रहे हैं। वे लोग देश व सेना के साथ हैं। सरकार शहादत का बदला बेहतर तरीके से लेगी।
कश्मीर पर कमल हासन द्वारा दिए गए बयान पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि मैं इस बयान को बहुत ही गैर जिम्मेदाराना मानती हूं। जब आतंकी हमले में देश के 42 जवान शहीद हो गए हैं, ऐसे समय में जनमत संग्रह की मांग करना मुझे तो कतई अनुचित लगता है। एक सवाल के जवाब में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण जबरदस्ती नहीं कराया जा सकता। इसके लिए लोगों को खुद समझदारी दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए 'मिशन परिवार विकास' सात राज्यों के 146 जनपदों में लागू है। इसका असर भी दिख रहा है। छोटे परिवार के फायदे लोगों को बताकर इस पर नियंत्रण किया जा रहा है।



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