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बलरामपुर:कीटनाशक दवा विक्रेताओं को भी किया जाएगा प्रशिक्षित









अखिलेश्वर तिवारी 
बलरामपुर ।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कीटनाशक दवा विक्रेताओं के लिए लागू किए गए नए नियम के तहत अब उन्ही डिस्ट्रीब्यूटरौं को लाइसेंस जारी किया जाएगा जो केमिस्ट्री विषय से स्नातक की उपाधि प्राप्त किए होंगे । 





सरकार के इस नियम के बाद पुराने दवा विक्रेताओं के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई थी जिसके लिए बीच का रास्ता शासन द्वारा निकाला गया है । ऐसे सभी कीटनाशक दवाओं के विक्रेता जो केमिस्ट्री विषय से स्नातक नहीं हैं उन्हें विशेषज्ञों द्वारा 48 सप्ताह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ।
प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों का परीक्षा होगा और उसमें उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा । प्रमाण पत्र प्राप्त विक्रेता ही कीटनाशक दवाओं की बिक्री कर पाएंगे । आज विकास भवन के पंचायत भवन में पहले  बैच के प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप निदेशक कृषि डॉक्टर राम बचन राम द्वारा किया गया ।

                    


मुख्य अतिथि डॉ आर वी राम ने अपने संबोधन में कहा की कीटनाशक दवाओं के गलत उपयोग से फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है और उससे किसान की पूरे महीनों की मेहनत तथा धन बर्बाद हो जाती है । विक्रेता की थोड़ी सी चूक किसान के लिए बड़ी मुसीबत पैदा कर देता है । इसीलिए सरकार ने निश्चित किया है कि अब वही कीटनाशक दवाओं की बिक्री कर पाएगा जो केमिस्ट्री विषय से स्नातक की परीक्षा उत्तरण की होगी अथवा जिसे इस योजना के द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रमाण पत्र जारी किया गया होगा ।





 ऐसा ना करने वालों को कीटनाशक दवाओं की बिक्री करने की इजाजत नहीं दी जाएगी । जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि जनपद में लगभग 200 कीटनाशक दवा विक्रेता ऐसे हैं जिन्होंने रसायन विज्ञान से स्नातक की उपाधि नहीं ले रखी है । बगैरा स्नातक दवा विक्रेताओं को 40 - 40 के बैच में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा । कृषि सलाहकार डॉक्टर ए के एम त्रिपाठी ने उद्घाटन सत्र का संचालन करते हुए कहा कि सरकार का यह कार्यक्रम बहुत ही महत्वपूर्ण है ।




 उन्होंने सभी कीटनाशक दवा विक्रेताओं से अपील की कि वह इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण अवश्य प्राप्त कर लें । सप्ताह में एक दिन रविवार को यह प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और 40 सप्ताह तक ट्रेनिंग होगी तथा 8 सप्ताह प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा । इसके बाद परीक्षा संपन्न होगी और उसमें उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा ।



 प्रमाण पत्र प्राप्त विक्रेता ही भविष्य में कीटनाशक दवाओं की बिक्री करने के लिए अधिकृत होंगे । कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर सियाराम तथा जिला भूमि संरक्षण अधिकारी सुभाष चंद्र ने प्रशिक्षण प्राप्त करने आए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी  । कार्यक्रम में कृषि विभाग के कर्मचारियों के अलावा प्रशिक्षण प्राप्त करने आए प्रतिभागी मौजूद थे ।

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