ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। होटल मालिक की पिटाई से पीड़ित एक नाबालिग बच्चे को एक छात्रा ने बहादुरी दिखाते हुए पुलिस के पास पहुंचाया। चौरी चौराहा पर एक होटल मालिक ने 14 साल के एक बालक को 6 माह से बंधक बनाकर काम करा रहा था। आये दिन मारता पीटता था। कई बार भागने की कोशिश किया, लेकिन नहीं भाग पाया।
गोण्डा शहर में स्थित एलबीएस पीजी कॉलेज में परीक्षा दे रही बीएससी की छात्रा ने बुधवार की सुबह बहादुरी दिखाते हुए अपने परीक्षा की चिन्ता न करके मासूम को पुलिस चौकी पहुंचाया।
बताते चलें कि चौरी चौराहा निवासी होटल संचालक अनिल गुप्ता ने 6 माह से बनिया गांव कोतवाली देहात जनपद बहराइच निवासी सत्यदेव (14 साल) को 3700 रूपये प्रतिमाह और 10 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से देने के नाम पर होटल में काम करने के लिए रखा था। होटल मालिक ने छह माह में केवल 5 हजार रूपये ही उसे दिया। पैसे मांगने पर होटल मालिक परिवार के साथ मिलकर रोज मारपीट करता था।
मंगलवार की सुबह चटनी बनाने के लिए बहुत मारा जिससे मासूम के सिर पर काफी चोट आई। होटल मालिक की प्रताड़ना से तंग आकर मासूम ने भागने की कोशिश की। इसी बीच होटल मालिक ने उसे पकड़ लिया और उसकी फिर बुरी तरह पिटाई कर दी। किसी तरह से बुधवार की सुबह करीब 5 बजे दूध लेने के बहाने से वह निकला और एक रोडवेज बस को रूकवाने के लिए हाथ दे रहा था।
बच्चे को देख जब बस चालक ने नहीं रोका तो उसी बस से बीएससी की परीक्षा देने जा रही करनैलगंज की बहादुर बिटिया वन्दना जायसवाल ने बस चालक से बस रुकवा कर मासूम को अपने साथ किराया देकर बालपुर चौकी पर पहुंचाया। वन्दना जायसवाल कहती हैं कि आधुनिक संसाधनों और तमाम सरकारी योजनाओं से बेटियो में हिम्मत बढ़ गयी है।
लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। इसलिए हमने अपनी परीक्षा की चिंता न करके बस चालक से जबर्दस्ती बस को रुकवाया और पीड़ित मासूम को बालपुर पुलिस के हवाले कर दिया। बालपुर चौकी इंचार्ज का कहना है कि पीड़ित बालक के पिता को फोन करके बुलाया गया है। बच्चे के काम के एवज में बकाया रूपयों को दिलाने के साथ ही उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। यदि पीड़ित बालक के पिता द्वारा कोई तहरीर दी जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।


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