Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

राष्ट्रीय-अवार्ड से सम्मानित वीरांगनाओ को मजिस्ट्रेट जगमोहन सिंह ने सशक्त-महिला अवार्ड से नवाजा









अनीता गुलेरिया
दिल्ली :-  अंतर्राष्ट्रीय-महिला दिवस पर दक्षिण-पश्चिमी द्वारका के श्याम-विहार में विमलता- फाउंडेशन द्वारा महिला-संरक्षण आयोजित प्रोग्राम किया गया । द्वारका मैजिस्ट्रेट-जगमोहन सिंह, मॉडल-टाउन एसडीएम वीरेंद्र सिंह मुख्य-अतिथी के तौर पर उपस्थित रहे । मैजिस्ट्रेट जगमोहन सिंह ने सभी महिलाओं को संविधान में हुए नए संशोधन से अवगत करवाते हूए कहा,किसी भी तरह की कानूनी प्रक्रिया दौरान सरकार हमेशा आपकी सहायता के लिए तत्पर है । इसलिए हर हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना आपका मौलिक अधिकार है ।





 मॉडल-टाउन एसडीएम वीरेंद्र सिंह ने महिला दिवस पर बधाई देते हुए कहा,आज के दौर में महिला पुरुष से हर कदम आगे चल रही है । उन्होंने कहा जानवर लिंग-भेदभाव के बिना बच्चों का भरण-पोषण करते हैं,तो हम लोग अपने बच्चों के साथ लिंग- भेदभाव करते हुए लड़का-लड़की के हिसाब से पालन पोषण क्यों करते हैं ?  फिर हम अपने आपको जानवर से बेहतर कैसे मान सकते हैं ?
अपने-अपने क्षेत्र में मुकाम हासिल कर चुकी दो-दृष्टिबाधित महिलाएं दिल्ली से कवियत्री साधना गर्ग और मुंबई से नेहा नलिन पावस्कर अंतरराष्ट्रीय-ऑलराउंडर खिलाड़ी 2016 लिम्का बुक्स-ऑफ रिकॉर्ड व कई तरह के राष्ट्रीय-अवार्ड से सम्मानित दोनों "वीरांगनाओ" को मैजिस्ट्रेट जगमोहन सिंह और एसडीएम वीरेंद्र सिंह द्वारा मुख्य-तौर पर सशक्त-महिला अवार्ड से नवाजा गया ।





 नेहा पावस्कर ने अपने विचार रखते हुए कहा,मैं अपने समाज के लोगों से यह कहना चाहूंगी कि "दिव्यांग" को बेचारा,पंगु,असहाय शब्द से संबोधित करके कमजोर बनाने की बजाय, "सशक्त-दायरा प्रदान" करने में उसकी मदद करनी चाहिए,ताकि वह असहाय नही "आत्मनिर्भर" बन सके । "दिव्यांगता" कोई अभिशाप नहीं है,यह किसी भी समय, किसी भी इंसान को आ सकती है ।
मैं दृष्टिबाधित-महिला यदि इस मुकाम  तक पहुंच सकती हूं,तो बाकी सब महिलाएं क्यों नहीं ? इसलिए अपनी इच्छा-शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ यदि हम उस पर कायम रहेंगे,तो सफलता मिलना आपको निश्चित है ।






विमलता-फाउंडेशन अध्यक्ष अनिता ने कहा यदि हमे अपना वजूद कायम रखना है, तो अपना पहला-संरक्षक खुद बनना पड़ेगा,उसके बाद ही किसी दूसरे से सुरक्षा की उम्मीद रखें । नारी के रूप को वीरांगना-स्वरूप देने के लिए खुद की ऊर्जा-शक्ति को मजबूत बनाएं,किसी के आगे हम हाथ क्यों फैलाएं ? इस धरा पर "पुरुष-वजूद" की सृजनकर्ता-नारी खुद के वजूद को कायम रखने के लिए "पुरुष-संरक्षण" की गुहार क्यो लगाए ? आयोजित-प्रोग्राम में आए गणमान्य-सदस्यों ने "महिला- संरक्षण" पर अपने विचार-प्रस्तुत करते हुए कहा, जिस देश की महिला-सशक्त होगी तो वह देश अपने आप मे सशक्त व विकासशील-वजूद कायम रख पाएगा ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे