सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी घोषित किए गए पूर्व मंत्री, समर्थकों में जश्न का माहौल
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। गोण्डा के चर्चित समाजवादी नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह को तमाम राजनीतिक खींचतान और रस्साकशी के बीच आखिरकार गोण्डा लोकसभा क्षेत्र के लिए गठबंधन की ओर से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव द्वारा प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।
यह बात दीगर है कि कैसरगंज सीट से चुनाव लड़ने के लिए पिछले चार साल से ताल ठोंकते आ रहे पंडित सिंह को उस समय निराश होना पड़ा, जब वह सीट बसपा के खाते में चली गई। पूर्व मंत्री के प्रत्याशी घोषित होने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। पार्टी दफ्तर के साथ ही जगह जगह गोले दागे गये और लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
लोकसभा चुनाव में कैसरगंज सीट से टिकट कटने के बाद गोण्डा से भी खाली हाथ रहने की अटकलों पर विराम लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को आखिरकार पूर्व मंत्री पंडित सिंह को गोण्डा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। शुक्रवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इसका एलान किया। टिकट मिलने की सूचना पर सपा समर्थकों ने प्रसन्नता जताई है। बताते चलें कि समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे विनोद कुमार सिंह उर्फ़ पंडित सिंह पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक हैं।
पिछला लोकसभा चुनाव अपने चचेरे भाई बाहुबली सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कैसरगंज से लड़कर नाको चने चबवाने वाले पंडित सिंह इस बार भी कैसरगंज सीट से ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन यह सीट महागठबंधन में बसपा के खाते में चली गई। इसके बाद गोंडा सीट से पंडित सिंह के लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि इस सीट से पार्टी की पूर्व विधायक नंदिता शुक्ला व अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले पावर कारपोरेशन के पूर्व चेयरमैन एपी मिश्र भी प्रबल दावेदार माने जाते थे। इन तीनों नेताओं के बीच जिले की संसदीय सीट फंसी हुई थी।
आखिर में इन सभी पर पंडित सिंह की दावेदारी भारी पड़ी और शुक्रवार को पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें गोंडा संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी। पंडित सिंह को टिकट मिलने पर सपा कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
बसपा नगर अध्यक्ष सगीर खान ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि पंडित सिंह का चुनाव जीतना तय है। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने देर से ही सही, लेकिन सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री पंडित सिंह के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन से मैदान में आने के बाद राजनीतिक और चुनावी समीकरण बदल गया है।


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