Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

शहरों की तरह अब गांवों में भी रोजगार की भरमार








अखिलेश्वर तिवारी/राजेश दुबे 
रेहरा बाजार, बलरामपुर ।। ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गी पालन व मत्स्य पालन व्यवसाय  से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने लगे है। केंद तथा राज्य सरकार के सहयोग से अब ग्रामीण क्षेत्रों मे भी छोटे-छोटे उद्योग देखने को मिल रहे है जिनसे ग्रामीण क्षेत्रो के युवाओं के आर्थिक जीवन में काफी तेजी से सुधार हो रहा है । 




अब लोग मुर्गी पालन, तथा मत्सय पालन जैसे उद्योगो की ओर तेजी से आर्कषित हो रहे है जिसका जीता जागता उदाहरण रेहरा बाजार की ग्राम सभा दतौली, अचलपुररूप, नया नगर तथा मसीहाबाद स्थित मुर्गी पालन उद्योग है। मुर्गी पालन केंद संचालक नजमूददीन ने बताया कि वर्ष 2012 में मुर्गी पालन केंद की स्थापना की गयी जिसमें कुल पांच हजार वर्ग फीट जमीन का उपयोग कर चूजे पाले गये। आज यही उद्योग दस हजार वर्ग स्कैवर में कर पंद्रह हजार मुर्गी का पालन किया जा रहा है 





जिनमे चूजो की देखरेख के लिए करीब दर्जनो लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुये है। संचालक ने बताया की चूजो की खरीदारी पानीपत से की जाती है  लगभग बीस हफ्ते इन चूजो की देखरेख करने के बाद इनमे अंडो की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, लेकिन देखरेख के दौरान लगभग पंद्रह प्रतिशत चूजे मर जाते है तथा पचासी प्रतिशत चूजे अंडे देने के लिये तैयार हो पाते है। इन अंडो को अच्छे दामो में नजदीक के बाजारों मे बेंच कर अच्छा मूनाफा मिल जाता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे