दिल्ली :-(अनिता गुलेरिया) साउथ-वेस्ट द्वारका से सटे नजफगढ़ इलाके के नानक-प्याँऊ में कल शहीद-ए-आजम भगत सिंह के बलिदान-दिवस पर जीवन ज्योति-ट्रस्ट, नेत्रहीन कल्याणकारी संस्था और विमलता-फाउंडेशन की तरफ से इन महानायक स्वतंत्रता-सेनानी की शहादत पर उनकी स्मृतियों को याद किया गया,और वहां इकट्ठे हुए सभी बच्चों युवा,महिलाओं को देश-प्रेम के प्रति सदा तत्पर रहने की प्रेरणा दी गई ।
23 मार्च को इन तीनों शहीदों की शहादत को यादगार के तौर पर खासकर दृष्टिबाधितो द्वारा पौधारोपण भी किया गया । जीवन-ज्योति ट्रस्ट के मुख्य सदस्य रामसेवक ने मीडिया-समक्ष अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा शहीद-भगत सिंह द्वारा फांसी से पहले अपने भाई को लिखे पत्र में यह कहना कि एक राख के नष्ट होने से यदि देश की दिक्कत दूर होती है,तो इसका दुख कभी मत करना ! पौधारोपण पर बताते हुए कहा उनहोने कहा बचपन मे शहीद-भगत सिंह के पौधारोपण करने पर,उनके दादा के द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा था मैं बंदूके-गाड़ रहा हूं ।
यह पौधे हमारे जीवन-संरक्षण को बचाने हेतु किन्हीं बंदूकों से कम नहीं हैं । इसलिए हम लोगो का खास मौकों के इलावा शहीदों की स्मृतियों को यादगार बनाने के लिए पौधारोपण करना बेहद जरूरी है । पुष्पेंद्र नाम के दृष्टिबाधित ने भगत सिह अमर रहे,इंकलाब-जिंदाबाद,के नारों के साथ मेरा रंग दे बसंती-चोलापंक्तियां गुनगुनाते हुए सब को भाव-विभोर कर दिया,सभी ने नम आँखो से जांबाज वीर शहीदों की शहादत को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की ।
विमलता-फाउंडेशन की मुख्य-सदस्य सुमन-मधवाल ने ए-मेरे-वतन के लोगों गाकर वहा आए सभी दृष्टिबाधितो का पौधारोपण करने में सहयोग किया । समाज-सेवी विक्रम सिंह ने कहा शहीदी-दिवस पर पौधा लगाना बहुत ही अच्छा वह नेक काम है । इसके लिए हमे अपनी युवा-पीढ़ी को भी प्रेरित करना होगा । दिल्ली में बढ़ते-प्रदूषण पर उन्होंने कहा इस तरह पौधे लगाने से धीरे-धीरे प्रदूषण का स्तर घटेगा, जो कि हमारे माध्यम से ही बड़ा हुआ है ।
इस तरह हर-दिवस पर पौधा लगाया जाए और पेड़ों की संख्या को बढ़ाया जाए,इस नेक काम द्वारा अपना व अपनी आने वाली भावी-पीढ़ी का संरक्षण किया जाए । इस तरह वहां एकत्रित-लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए देश प्रेम के लिए एकता का प्रतीक बल पर जोर दिया ।




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