आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। किसी भी नदी, झील, तालाब में कूड़ा करकट, मेडिकल वेस्ट, प्लास्टिक डालना आपको संकट में डाल सकता है। इसके लिए जुर्माना सजा की व्यवस्था की गई है। आज शनिवार को जनपद सभागार के बैठक में जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल के इस आदेश का पालन कराने के लिए सख्त निर्देश दिया है।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्र में डी0पी0आर0ओ0 तथा अधिशाषी अधिकारियों को दिया है। उन्होंने कहा है कि जिले में घाघरा, राप्ती, कुआनों, आमी, कठिनईया प्रमुख नदियां है साथ ही बखिरा झील तथा काफी मात्रा में तालाब है इनकी सुरक्षा किया जाना पर्यावरण की दृष्टि से बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनपद की नदियों में उच्चतम बाढ़ स्तर के निर्धारण के लिए सिचाई विभाग को निर्देशित किया गया है। इसके 200 मी0 की दूरी तक कूड़ा करकट, प्लास्टिक आदि डम्प नही किया जाएगा।
नदियों के किनारे की ग्राम पंचायतें, नगर पंचायतें, जिला पंचायत तथा विनिमित क्षेत्र इसकी निगरानी करेगीं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र में धारा 144 के तहत नदी, झील तालाब में कचड़ा प्रतिबंधित करे। क्षेत्र की पुलिस इसकी निगरानी करें। कोई भी व्यक्ति इसका उल्लघन करता हुआ पाया गया तो उसके विरूद्ध कार्यवाही करें। उन्होंने निर्देश दिया कि उच्चतम बाढ स्तर के दोनो ओर 200 मी0 की दूरी तक पहले से जमा किया गया कूड़ा कचड़ा चिन्हित किया जाएगा तथा इसको वहां से हटवाया जाएगा।
उन्होेंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र में सर्वे करा कर रिर्पोट दे। उन्होेंने निर्देश दिया है कि जनपद की नदियों के तट के आस-पास अवैध रूप से निर्माण कार्यो पर रोक लगाये। नदियों के जल भराव क्षेत्र का चिन्हांकन करें तथा मैप तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्र का कोई भी नाला नदी, झील, तालाब में प्रदूषित जल मल नही गिरायेगा। सभी नगर पालिका,नगर पंचायतें इसको सुनिश्चित करेेगें। उन्होंने उपायुक्त उद्योग से संबंध में पूछताछ किया। रवि शर्मा ने बताया वर्तमान समय में किसी उद्योग का प्रदूषित पानी नदी में नही गिर रहा है। अधिशाषी अधिकारी बीना सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र का कोई नाला आमी नदी में नही गिर रहा है।
उन्होंने निर्देश दिया कि जल निगम समय समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच कराता रहें। बैठक का संचालन कर रहें क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी एस0पी0 सिंह ने बताया कि उनके विभाग द्वारा नदी, झील, पानी का टेस्ट कराया जाता है। आमी नदी के पानी के संबंध में उन्होंने बताया कि इस समय इसका पानी नहाने योग्य है तथा इसमें मछली भी है।
बैठक में नगर पालिका क्षेत्र में साॅलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापना तथा भूमि चयन के बारे में विचार विमर्श किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी रणविजय सिंह, डा0 हरगोविन्द, पी0डी0 प्रमोद कुमार यादव, आलोक प्रियदर्शी, वी0पी0 सिंह, डा0 टी0पी0 मिश्र, आदि उपस्थित थे।


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