गोंडा. देश भर में लोकतंत्र के पर्व का महासंग्राम शुरू हो गया है राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद जिले में सियासी हलचल तेजी से बढ़ गई है राजनीति के पंडित अपने जोड़ घटाव मे जुड़ गए हैं गोंडा लोकसभा सीट को देखा जाए तो इस सीट पर सात बार पिता पुत्र मिलाकर विभिन्न राजनीतिक दलों से इस सीट पर राजघराने का कब जा रहा है
गोण्डा में कब कौन रहा सांसद
देश में वर्ष 1951-52 में लोकतंत्र का पर्व शुरू हुआ गोंडा लोकसभा सीट से चौधरी हैदर हुसैन इस सीट के पहले सांसद चुने गए वर्ष 1957 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी से दिनेश प्रताप सिंह सांसद बने तीसरे लोकसभा का चुनाव 1962 में हुआ जिसमें राम रतन गुप्ता कांग्रेस पार्टी से अपनी जीत दर्ज कराई 1967 में यहां से यश कृपलानी सांसद चुनी गई 1971 इंडियन नेशनल कांग्रेस के टिकट पर राज घराने से कुंवर आनंद सिंह सांसद बने 71 के बाद से राज घराने का राजनीति में अच्छा खासा दखल रहा 1977 के चुनाव में राजघराने को पराजय का मुंह देखना पड़ा लेकिन 1980 में जनता ने एक बार फिर भारी मतों से सांसद बनाया फिर उसके बाद 1989 तक लगातार तीन बार इस सीट पर राजघराने का कब्जा रहा 1991 में भाजपा से बृजभूषण शरण सिंह सांसद बने 1996 में इनकी पत्नी केतकी सिंह इस सीट से सांसद चुनी गई लेकिन 2 साल बाद ही मध्य वत चुनाव मे आनंद सिंह के पुत्र कीर्तिवर्धन सिंह 1998 में पहली बार सपा से सांसद बने दुर्भाग्यवश देश को एक और मध्य वत चुनाव झेलना पड़ा और 1 साल बाद 1999 में बीजेपी से ब्रिज भूषण शरण सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और फिर 2004 में एक बार फिर से सपा के नेतृत्व में कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया सांसद चुने गए इसके बाद 2009 में कांग्रेस के टिकट से बेनी प्रसाद वर्मा यहां के सांसद बने उनका कार्यकाल 5 वर्ष का रहा इसके बाद देश में एक ऐसी लहर आई जिसमें सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं की जमानत जप्त कर दी मोदी के नेतृत्व में 2014 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर यहां से एक बार फिर कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया सांसद चुने गए और उन्होंने अपना कार्यकाल बखूबी से निर्वाहन किया |
एक बार फिर से 2019 के चुनाव का बिगुल बज चुका है जिसके तहत सभी पार्टियां वोटरों को अपनी माया जाल में फंसने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है देखना यह होगा की 19 के चुनाव में एक बार फिर से गोंडा लोकसभा सीट पर राजघराने का कब्जा रहेगा या माया अखिलेश के गठबंधन के टिकट पर विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह बाजी मारने में कामयाब होते हैं कांग्रेस ने कृष्णा पटेल को गोण्डा लोकसभा सीट उतारा हैं |जिससे नाराज कांग्रेस से टिकट को लेकर उपेक्षित नेता कुतबुद्दीन ( डायमंड ) पीस पार्टी से अपनी किस्मत आजमाने चुनावी समर में कूद पड़े है जिससे कयास यह लगाया जा सकता है की लड़ाई त्रिकोणीय हो सकती है


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