आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। बीते मार्च के आखिरी दिनों में मेंहदावल राजकीय पशु चिकित्सालय के एक पशु चिकिसाधिकारी का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक व्यक्ति से पशुओं के फिटनेस प्रमाण पत्र के बाबत पैसा दिया जा रहा था। जिसमे पशु चिकिसाधिकारी की निर्देश पर अपने चालक के माध्यम से पैसा लिया गया।
जिस बाबत यह वीडियो में दिखाया गया कि किस तरह से एक व्यकि को काफी भागदौड़ के बाद पैसा लेकर पशु चिकिसाधिकारी ए0के0शाही ने फिटनेस प्रमाण पत्र के जारी करने पर सहमति जताई गई थी। जिसमे उनके निर्देश पर चालक ने पैसा लिया था। जिस बाबत वीडियो में पैसा लेने देने और उसके निर्देशो का स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो रहा था। जिस बाबत समाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रकाशित हुआ था। एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है अभी तक पशु विभाग द्वारा कोई भी मुक्कमल जांच या कार्यवाही नही हो पाई है।
वायरल : वीडियो
जिस तरह से प्रदेश में भाजपा सरकार आयी थी इससे प्रतीत होता भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी। लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ने अभी तक इस वायरल वीडियो पर अभी तक कोई भी गम्भीर कार्यवाही नही दिख रही है। सिर्फ कार्यवाही के नाम पर अभी कोर्रम ही पूर्ण किया जा रहा है। जबकि सरकार की नीति में स्पष्ट है कि सभी प्रकार के भ्रष्टाचार को खत्म करना ही मुख्य लक्ष्य है। आज के दौर में जहां तकनीकी का विकास हो गया है जिससे आम लोगो को काफी सहूलियत हो गई है।
जिससे आम आदमी भी भ्रष्टाचार के प्रति उजागर करने में तत्पर रहता है। जिससे पशु चिकिसाधिकारी के मामले भी जिम्मेदार व्यक्ति ने पैसे लेने के वीडियो को वायरल करके एक तरह से भ्रष्टाचार का उजागर किया है। इस बाबत मुख्य पशु चिकिसाधिकारी टी0पी0 मिश्रा से बात किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि कुछ दिन पूर्व उपरोक्त पशु चिकिसाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसमे उनके पैसा लेने के वायरल वीडियो की सत्यता को बताया जाए।


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