अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। ईश्वर के प्रति अटूट आस्था तथा समर्पण हो तो हर कार्य संभव हो सकता है । अटूट आस्था का ही एक नजारा सैकड़ों वर्षो से चला आ रहा भुर्जी समाज का वह प्रथा है जिसमें सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल कर हजारों लोग मां पाटेश्वरी के दर्शन करने के लिए देवी पाटन तक आते हैं ।
निरंतर 4 से 5 दिनों तक पैदल यात्रा करने के उपरांत दर्शन का पुण्य अर्जित कर अपने को धन्य मानते हैं । इस वर्ष भी लगभग 15 से 20 हजार श्रद्धालु देवीपाटन जाते समय बलरामपुर जिला मुख्यालय पर पहुंचे और यहीं पर रात्रि विश्राम भी किया । बलरामपुर आने पर श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया गया तथा उनके ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था सिसई ग्राम सभा के ग्राम प्रधान व स्थानीय लोगों द्वारा कराई गई ।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों जिनमें अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, गोंडा शामिल हैं । इन जनपदों से हजारों की संख्या में भुर्जी समाज के लोग पैदल यात्रा करते हुए देवीपाटन तक जाते हैं । यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का मानना है कि उनके पूर्वज के समय से यह परंपरा कायम है ।
मां पाटेश्वरी उन्हीं के क्षेत्र में पहले निवास करती थी जो बाद में देवी पाटन में आकर निवास करने लगी । अपने इष्ट देवी को प्रसन्न करने के लिए यह लोग डेढ़ से 200 किलोमीटर पैदल यात्रा करके देवीपाटन सप्तमी के दिन शाम तक पहुंच जाते हैं और अष्टमी के दिन सुबह सूर्य कुंड में स्नान करके मां पाटेश्वरी का दर्शन करके पूर्ण अर्जित करते हैं ।यह अटूट आस्था का ही परिणाम है कि इतनी लंबी यात्रा करने के बाद ही श्रद्धालुओं के चेहरे पर किसी प्रकार का कोई शिकन या थकान दिखाई नहीं दिया ।
एक खास बात यह भी है कि यह सभी लोग काफी अनुशासित होकर सड़कों पर चलते हैं । बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के बिना किसी यातायात पुलिसिंग व्यवस्था के यह अपनी खुद की नियम से चलते जाते हैं और कहीं भी इनकी वजह से किसी को जाम जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता है । आज के समय में यह एक बड़ी बात है । जिला मुख्यालय पर पहुंचने के उपरांत भोजनवाल सभा द्वारा सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया तथा उन्हें स्वल्पाहार का किट प्रदान किया गया ।
इसके अलावा सिसई ग्राम सभा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में श्रद्धालुओं के लिए ठहरने तथा खाने-पीने की पूरी व्यवस्था वहां के ग्राम प्रधान तथा तमाम लोगों द्वारा कराया गया । महासभा की ओर से स्वागत करने वालों में संतोष गुप्ता, राम शंकर गुप्ता, उमाशंकर, शिव प्रताप, जगदंबा प्रसाद, जगन्नाथ, शिव कुमार, भगवान दास, हनुमान प्रसाद, आयुष, उत्कर्ष, डॉ राम कुमार, व राजेश गुप्ता सहित तमाम पदाधिकारी शामिल थे ।


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